देश की सबसे बड़ी एयरलाइन IndiGo इन दिनों गंभीर परिचालन संकट से जूझ रही है। कई प्रमुख हवाई अड्डों से इंडिगो ने अपनी सभी उड़ानें रद्द कर दी हैं, जिससे यात्रियों में भारी नाराजगी और भ्रम की स्थिति पैदा हो गई है। एयरलाइन ने माना है कि मौजूदा स्थिति अचानक नहीं बनी, बल्कि इसके पीछे उनकी ही योजना संबंधी चूक (planning lapse) जिम्मेदार है, जिसकी वजह से क्रू की भारी कमी सामने आ गई है।
क्रू संकट ने बिगाड़ा शेड्यूल
एयरलाइन के अनुसार, बीते हफ्तों में पायलट और केबिन क्रू के रोस्टर मैनेजमेंट में गंभीर खामियां रह गईं। बढ़ते ऑपरेशन और त्योहार/पीक ट्रैवल सीजन के बावजूद क्रू की उपलब्धता पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया गया। नतीजतन, कई शहरों में उड़ानें संचालित करने के लिए पर्याप्त स्टाफ मौजूद नहीं था, और इंडिगो को मजबूरन उड़ानें रद्द करनी पड़ीं।
कई यात्रियों ने सोशल मीडिया पर शिकायत की कि उन्हें अचानक कैंसिलेशन का मैसेज मिला या एयरपोर्ट पहुंचने पर ही बताया गया कि उनकी उड़ान नहीं उड़ेगी। इससे हजारों यात्रियों की यात्रा योजनाएं गड़बड़ा गईं।
DGCA से 10 फरवरी तक ‘राहत’ की मांग
स्थिति को संभालने के लिए इंडिगो अब केंद्र के नागरिक उड्डयन मंत्रालय और DGCA (नागरिक उड्डयन महानिदेशालय) से मदद की गुहार लगा रही है।
एयरलाइन ने DGCA से 10 फरवरी तक नियामकीय छूट (regulatory relaxation) देने की मांग की है। इसमें रोस्टरिंग नियमों में कुछ अस्थायी राहत, क्रू ड्यूटी समय में लचीलेपन और अन्य संचालन संबंधी ढील की मांग शामिल है, जिससे वे उड़ानों का शेड्यूल फिर से सामान्य कर सकें।
एयरलाइन ने स्वीकार की गलती
इंडिगो ने सार्वजनिक बयान में माना है कि यह संकट उनकी ही योजना संबंधी कमजोरी का नतीजा है। एयरलाइन ने कहा:
> “हमसे योजना के स्तर पर चूक हुई है, जिसकी वजह से क्रू की उपलब्धता का संकट खड़ा हो गया। हम स्थिति को तुरंत सामान्य करने की कोशिश कर रहे हैं।”
एयरलाइन ने यह भी बताया कि वे तेजी से क्रू की व्यवस्था कर रहे हैं, प्रशिक्षण कार्यक्रमों को तेज कर रहे हैं और शेड्यूल को पुनर्गठित कर रहे हैं।
यात्रियों के लिए क्या इंतजाम?
इंडिगो ने प्रभावित यात्रियों को फुल रिफंड, मुफ्त रीबुकिंग और वैकल्पिक उड़ानों की सुविधा देने की बात कही है। फिर भी, देश के कई प्रमुख हवाई अड्डों पर स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है।
कुल मिलाकर, इंडिगो का यह संकट देश की एविएशन इंडस्ट्री के लिए बड़ा सबक है—बेहतर प्लानिंग, कुशल रोस्टर मैनेजमेंट और क्रू उपलब्धता एयरलाइन संचालन की रीढ़ हैं। एयरलाइन की अगले कुछ दिनों की रणनीति यह तय करेगी कि स्थिति सामान्य होने में कितना समय लगेगा।
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