IMA POP Dehradun: आज पासिंग आउट परेड, थल सेना को मिलेंगे 491 युवा सैन्य अफसर; थल सेनाध्यक्ष लेंगे सलामी

उत्तराखंड की राजधानी देहरादून स्थित भारतीय सैन्य अकादमी (IMA) में आज ऐतिहासिक और गौरवपूर्ण क्षण देखने को मिलेगा। IMA की भव्य पासिंग आउट परेड (POP) के साथ भारतीय सेना को सैकड़ों नए और प्रशिक्षित युवा सैन्य अधिकारी मिलेंगे। इस खास अवसर पर थल सेनाध्यक्ष परेड की सलामी लेंगे और नव-नियुक्त अधिकारियों को राष्ट्र सेवा की शपथ दिलाई जाएगी।

सेना को मिलेंगे 491 युवा अधिकारी

इस पासिंग आउट परेड के बाद कुल 525 ऑफिसर कैडेट सैन्य जीवन की औपचारिक शुरुआत करेंगे। इनमें से 491 युवा सैन्य अधिकारी भारतीय थल सेना का हिस्सा बनेंगे, जबकि 34 ऑफिसर कैडेट 14 मित्र देशों की सेनाओं में शामिल होंगे। यह IMA की अंतरराष्ट्रीय प्रतिष्ठा को भी दर्शाता है, जहां दुनिया के कई देशों के कैडेट प्रशिक्षण के लिए आते हैं।

पीपिंग और ओथ सेरेमनी के साथ होगा ऐतिहासिक दिन

पासिंग आउट परेड से पहले कैडेट्स की पीपिंग सेरेमनी और ओथ (शपथ) सेरेमनी पूरी की गई, जिसमें उन्होंने देश की रक्षा, संविधान की मर्यादा और सर्वोच्च बलिदान के संकल्प को दोहराया। कठोर सैन्य प्रशिक्षण, अनुशासन और नेतृत्व क्षमता से गुजरने के बाद ये युवा अधिकारी अब सेना की अलग-अलग यूनिट्स में तैनात किए जाएंगे।

परिवारों के लिए गर्व का पल

POP का यह दिन न केवल कैडेट्स बल्कि उनके परिवारों के लिए भी बेहद भावुक और गर्व से भरा होता है। देश के अलग-अलग हिस्सों से पहुंचे माता-पिता और परिजन अपने बेटों को वर्दी में पहली बार अधिकारी के रूप में देखकर भावुक हो जाते हैं। परेड ग्राउंड में देशभक्ति और अनुशासन का अनोखा संगम देखने को मिलता है।

थल सेनाध्यक्ष की मौजूदगी बढ़ाएगी गरिमा

इस अवसर पर थल सेनाध्यक्ष की मौजूदगी परेड की गरिमा को और बढ़ा देगी। वे न केवल सलामी लेंगे, बल्कि युवा अधिकारियों को संबोधित कर कर्तव्य, साहस और नेतृत्व का संदेश भी देंगे। उनका संबोधन नए अफसरों के लिए प्रेरणास्रोत माना जाता है।

IMA: सैन्य नेतृत्व की नर्सरी

भारतीय सैन्य अकादमी को भारतीय सेना के नेतृत्व की नर्सरी कहा जाता है। यहां से निकले अधिकारी देश की सीमाओं की रक्षा के साथ-साथ शांति मिशनों और आपदा प्रबंधन में भी अहम भूमिका निभाते हैं।

कुल मिलाकर, IMA POP देहरादून भारतीय सेना के लिए एक और मजबूत कदम है, जहां अनुशासन, परंपरा और राष्ट्रसेवा की भावना के साथ सैकड़ों युवा अधिकारी सेना की मुख्यधारा में शामिल हो रहे हैं।

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