Christmas 2025: दुनियाभर में हर्षोल्लास के साथ मनाया जा रहा क्रिसमस, पीएम मोदी समेत कई नेताओं ने दी शुभकामनाएं

दुनियाभर में आज क्रिसमस का पर्व पूरे उत्साह, उल्लास और श्रद्धा के साथ मनाया जा रहा है। ईसाई समुदाय के सबसे बड़े त्योहार क्रिसमस के अवसर पर चर्चों में विशेष प्रार्थनाएं की जा रही हैं, वहीं घरों और सार्वजनिक स्थानों को रंग-बिरंगी रोशनी, क्रिसमस ट्री और सजावट से सजाया गया है। भारत समेत दुनिया के कई देशों में लोग एक-दूसरे को शुभकामनाएं देकर शांति, प्रेम और भाईचारे का संदेश दे रहे हैं।

भारत में भी क्रिसमस का उत्सव खास उत्साह के साथ मनाया जा रहा है। दिल्ली, मुंबई, गोवा, केरल और कोलकाता जैसे शहरों में चर्चों में आधी रात की प्रार्थना सभाएं आयोजित की गईं। बच्चों और युवाओं में सांता क्लॉज की वेशभूषा, उपहारों का आदान-प्रदान और केक काटने को लेकर खास उत्साह देखा गया। बाजारों और शॉपिंग मॉल्स में भी क्रिसमस की रौनक साफ नजर आ रही है।

क्रिसमस के मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों को शुभकामनाएं दीं। पीएम मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर संदेश साझा करते हुए कहा कि यह पावन पर्व प्रेम, करुणा और सेवा की भावना को और मजबूत करे। उन्होंने आशा व्यक्त की कि यीशु मसीह की शिक्षाएं समाज में सद्भाव, शांति और मानवता के मूल्यों को निरंतर सशक्त बनाती रहेंगी। प्रधानमंत्री ने सभी नागरिकों के सुख, समृद्धि और अच्छे स्वास्थ्य की कामना की।

प्रधानमंत्री के अलावा देश के कई अन्य नेताओं ने भी क्रिसमस के अवसर पर लोगों को बधाई दी। राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति ने अपने संदेशों में कहा कि क्रिसमस हमें आपसी भाईचारे, त्याग और सेवा की प्रेरणा देता है। उन्होंने कहा कि यीशु मसीह का जीवन प्रेम, क्षमा और मानव कल्याण का संदेश देता है, जो आज के समय में और भी प्रासंगिक हो गया है।

राज्यों के मुख्यमंत्रियों और विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं ने भी क्रिसमस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह त्योहार समाज में एकता और सौहार्द को बढ़ावा देता है। नेताओं ने इस अवसर पर गरीबों और जरूरतमंदों की मदद करने की अपील भी की।

उल्लेखनीय है कि क्रिसमस ईसा मसीह के जन्मदिवस के रूप में मनाया जाता है और यह पर्व केवल धार्मिक ही नहीं, बल्कि सामाजिक एकता का भी प्रतीक है। इस दिन लोग पुराने गिले-शिकवे भुलाकर प्रेम और शांति का संदेश फैलाने का संकल्प लेते हैं। दुनियाभर में मनाया जा रहा यह पर्व एक बार फिर मानवता, करुणा और भाईचारे की भावना को मजबूत करता नजर आ रहा है।

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