ब्राउज़र एक्सटेंशन इंटरनेट ब्राउज़िंग को आसान और स्मार्ट बनाने में मदद करते हैं। लेकिन हाल ही में एक बड़े साइबर हमले ने यह साफ कर दिया है कि भरोसेमंद दिखने वाले एक्सटेंशन भी खतरनाक साबित हो सकते हैं। गूगल क्रोम और माइक्रोसॉफ्ट एज पर मौजूद भरोसेमंद एक्सटेंशनों को ShadyPanda नाम के मैलवेयर ने निशाना बनाया, जिसकी वजह से 40 लाख से ज़्यादा यूज़र्स साइबर जोखिम की चपेट में आ गए। यह घटना बताती है कि ऑनलाइन सुरक्षा के प्रति सतर्क रहना अब पहले से कहीं ज्यादा जरूरी है।
कैसे हुआ हमला?
ShadyPanda नामक इस मैलवेयर ने उन एक्सटेंशनों का फायदा उठाया जो पहले से ब्राउज़र स्टोर्स पर मौजूद थे और जिन पर यूज़र्स भरोसा करते थे। हैकर्स ने इन लोकप्रिय एक्सटेंशन्स में घुसपैठ कर उन्हें स्पायवेयर में बदल दिया। जैसे ही यूज़र ने इन प्रभावित एक्सटेंशन्स को अपने ब्राउज़र में इंस्टॉल किया, मैलवेयर बैकग्राउंड में सक्रिय हो गया और उनकी ऑनलाइन गतिविधियों की निगरानी करने लगा।
यह मैलवेयर यूज़र्स की ब्राउज़िंग हिस्ट्री, सर्च डाटा, लॉगिन जानकारी, यहां तक कि व्यक्तिगत फाइलों तक पहुंचने की कोशिश करता था। एक्सटेंशन अपडेट के बहाने इसके अंदर छिपा कोड एक्टिवेट होकर डेटा चोरी का काम करता था। चूंकि एक्सटेंशन पहले से पॉपुलर थे और कई महीनों से स्टोर पर उपलब्ध थे, इसलिए यूज़र्स को खतरे का अंदाज़ा ही नहीं हुआ।
यूज़र्स के लिए क्या खतरा?
इस तरह के मैलवेयर अटैक से:
पासवर्ड और बैंकिंग जैसे संवेदनशील डेटा चोरी हो सकते हैं।
सोशल मीडिया और ईमेल अकाउंट हैक होने का खतरा बढ़ जाता है।
ब्राउज़र की स्पीड और सिस्टम परफॉर्मेंस प्रभावित हो सकती है।
यूज़र को टारगेट करके फिशिंग और फ्रॉड के और भी हमले हो सकते हैं।
अपनी सुरक्षा कैसे करें?
1. केवल भरोसेमंद डेवलपर्स के एक्सटेंशन इंस्टॉल करें।
रेटिंग, रिव्यू और डाउनलोड हिस्ट्री जरूर जांचें।
2. एक्सटेंशन के परमिशन चेक करें।
अगर कोई एक्सटेंशन बहुत अधिक एक्सेस मांग रहा है, तो यह खतरे का संकेत हो सकता है।
3. नियमित रूप से एक्सटेंशन्स की जांच करें।
जो एक्सटेंशन उपयोग में नहीं हैं उन्हें तुरंत हटा दें।
4. ब्राउज़र और एंटीवायरस अपडेट रखें।
अपडेट्स में सिक्योरिटी पैच होते हैं जो ऐसे हमलों को रोकते हैं।
5. अपने डेटा की मॉनिटरिंग करें।
संदिग्ध वेबसाइट, पॉप-अप या ऑटोमेटिक रीडायरेक्शन दिखे तो तुरंत एक्सटेंशन डिसेबल करें।
ShadyPanda मैलवेयर इन्सिडेंट एक बड़ी चेतावनी है कि डिजिटल दुनिया में सावधानी ही सबसे बड़ी सुरक्षा है। ब्राउज़र एक्सटेंशन भले ही उपयोगी हों, लेकिन उन्हें चुनते और इस्तेमाल करते वक्त चौकन्ना रहना बेहद जरूरी है।
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