ताइवान की सीमा पर चीन के लगातार दूसरे दिन जारी बड़े पैमाने के सैन्य अभ्यास ने एशिया-प्रशांत क्षेत्र में चिंता बढ़ा दी है। चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (PLA) ने वायुसेना, नौसेना और मिसाइल यूनिट्स के साथ लाइव-फायर ड्रिल की, जिसे बीजिंग ने ताइवान की स्वतंत्रता समर्थक गतिविधियों और विदेशी हस्तक्षेप के खिलाफ “कड़ी चेतावनी” बताया है।
दूसरे दिन भी नहीं थमा सैन्य अभ्यास
चीन ने ताइवान के आसपास समुद्री और हवाई क्षेत्रों में युद्धाभ्यास जारी रखा। इन अभ्यासों में लड़ाकू विमान, युद्धपोत और मिसाइल सिस्टम शामिल बताए जा रहे हैं। लाइव-फायर ड्रिल के चलते क्षेत्र में सैन्य गतिविधियों का स्तर काफी बढ़ गया है, जिससे हालात और तनावपूर्ण हो गए हैं।
बीजिंग का सख्त संदेश
चीन का कहना है कि यह सैन्य अभ्यास ताइवान की ओर से अलगाववादी कदमों और बाहरी शक्तियों के समर्थन के जवाब में किया जा रहा है। बीजिंग लंबे समय से ताइवान को अपना हिस्सा मानता रहा है और किसी भी तरह की स्वतंत्रता की कोशिश का कड़ा विरोध करता है। चीन के अनुसार, यह ड्रिल उसकी संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता की रक्षा के लिए जरूरी है।
ताइवान का पलटवार
चीन के सैन्य अभ्यास के जवाब में ताइवान ने अपनी सेना को हाई अलर्ट पर रखा है। ताइवान के रक्षा मंत्रालय ने कहा कि वह स्थिति पर करीबी नजर बनाए हुए है और अपनी सुरक्षा के लिए हर जरूरी कदम उठाएगा। ताइवान ने चीन की इन गतिविधियों को क्षेत्रीय शांति और स्थिरता के लिए खतरा बताया है।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ी चिंता
चीन और ताइवान के बीच बढ़ते तनाव को लेकर अंतरराष्ट्रीय समुदाय भी सतर्क हो गया है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के लगातार सैन्य अभ्यास किसी बड़ी टकराव की आशंका को बढ़ाते हैं। खासतौर पर लाइव-फायर ड्रिल को हालात को और गंभीर बनाने वाला कदम माना जा रहा है।
क्या बढ़ेगा टकराव?
हालांकि अभी किसी सीधे संघर्ष की पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन जिस तरह से चीन ने लगातार दूसरे दिन सैन्य ताकत का प्रदर्शन किया है, उससे यह सवाल उठने लगे हैं कि क्या आने वाले दिनों में हालात और बिगड़ सकते हैं। फिलहाल, ताइवान और चीन के बीच बढ़ता यह तनाव पूरी दुनिया की नजरों में बना हुआ है।
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