भारत का Akash Prime Defence System: कीमत कितनी है और क्यों दुनिया हो गई इसके पीछे दीवानी?


 भारत की रक्षा क्षमता को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने वाली स्वदेशी निर्माण का शानदार उदाहरण है Akash Prime Surface-to-Air Missile System। इसे DRDO ने आधुनिक जरूरतों के हिसाब से अपग्रेड करके तैयार किया है। कुछ महीने पहले लद्दाख में किए गए सफल परीक्षण ने न केवल इसकी ताकत साबित की, बल्कि दुनिया का ध्यान भी इस पर खींच लिया।

15,000 फीट से अधिक ऊंचाई पर तेज गति से उड़ते लक्ष्यों को सटीक रूप से मार गिराने की क्षमता से यह सिस्टम भारत की एयर डिफेंस की रीढ़ बनता जा रहा है।

नीचे समझते हैं—इसकी कीमत कितनी है, इसमें क्या खास है और क्यों कई देश इसे खरीदने में रुचि दिखा रहे हैं।

Akash Prime की अनुमानित कीमत कितनी है?

भारत सरकार या DRDO ने आधिकारिक रूप से सटीक कीमत सार्वजनिक नहीं की है,
लेकिन रक्षा विशेषज्ञों के अनुसार—

  • एक पूर्ण Akash Missile System (एक लॉन्चर + कई मिसाइल + रडार + सपोर्ट वाहन) की लागत लगभग
    ₹600 करोड़ – ₹1,000 करोड़ के बीच हो सकती है।

  • एक Akash Prime मिसाइल की अनुमानित कीमत लगभग
    ₹5 करोड़ – ₹7 करोड़ प्रति मिसाइल मानी जाती है।

वहीँ Akash Prime का सिस्टम पैकेज, पुरानी Akash सीरीज़ से थोड़ा महंगा है, क्योंकि इसमें:

  • बेहतर seekers

  • ऊँचाई वाले क्षेत्रों के लिए विशेष अपग्रेड

  • उन्नत एंगेजमेंट सॉफ्टवेयर

  • ऑल-वेदर ऑपरेशन क्षमताएँ शामिल हैं।

Akash Prime इतना खास क्यों है? दुनिया क्यों हुई दीवानी?

1. हाई-एल्टीट्यूड में बेहतरीन प्रदर्शन

लद्दाख के कठिन मौसम और भूभाग में
15,000 फीट की ऊंचाई पर तेज़ गति वाले लक्ष्यों को मार गिराना इसके उन्नत संस्करण का सबसे बड़ा सबूत है।

2. पूरी तरह स्वदेशी (100% इंडिजिनस)

Akash Prime Made-In-India है।
इससे इसकी लागत विदेशी सिस्टम की तुलना में कम पड़ती है और मेंटेनेंस आसान होता है।

3. मल्टी-टार्गेट एंगेजमेंट क्षमता

यह एक साथ कई हवाई खतरों को निशाना बना सकता है, जैसे—

  • लड़ाकू विमान

  • हेलिकॉप्टर

  • ड्रोन

  • क्रूज़ मिसाइलें

4. उन्नत seeker तकनीक

नए Active RF Seeker की वजह से मौसम, ऊंचाई और जैमिंग के बावजूद मिसाइल लक्ष्य पर लॉक बनी रहती है।

5. दुश्मन के इलेक्ट्रॉनिक जैमिंग से भी नहीं रुकता

इसका इलेक्ट्रॉनिक काउंटर-काउंटर मेजर (ECCM) दुनिया के महंगे मिसाइल सिस्टम्स की बराबरी करता है।

6. सस्ता लेकिन हाई-परफॉर्मेंस — विदेशी देशों की पहली पसंद

अमेरिकी Patriot और रूसी S-350 जैसे सिस्टम बहुत महंगे हैं।
Akash Prime कम लागत में:

  • बेहतर रेंज

  • कम मेंटेनेंस

  • ऑल-टेर्रेन क्षमता

  • विश्वसनीय परफॉर्मेंस
    प्रदान करता है।

इसीलिए वियतनाम, फिलीपींस, रवांडा, आर्मेनिया और अफ्रीकी देशों सहित कई राष्ट्र इसे खरीदने में रुचि दिखा चुके हैं।

 टेस्ट के बाद दुनिया को क्या संदेश मिला?

लद्दाख परीक्षण ने यह साबित किया कि:

  • भारत उच्च हिमालयी इलाकों में भी आधुनिक युद्ध लड़ सकता है

  • यह मिसाइल सिस्टम कठोर जलवायु और दुश्मन की तकनीक दोनों से निपटने में सक्षम है

  • भारत अब रक्षा निर्यात का उभरता हुआ वैश्विक केंद्र है

निष्कर्ष

Akash Prime न केवल भारत की वायु रक्षा का मजबूत स्तंभ है, बल्कि एक प्रतियोगी, सटीक और भरोसेमंद मिसाइल सिस्टम है जिसे दुनिया गंभीरता से देख रही है। कम कीमत, उच्च क्षमता और स्वदेशी निर्माण इसे विदेशी खरीदारों के लिए खास बनाते हैं।

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