भारत को दुनिया की “
डायबिटीज कैपिटल” कहा जाता है और अब एक नया आंकड़ा और भी ज्यादा चिंता बढ़ाने वाला है।
विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) की रिपोर्ट के अनुसार, देश में
2.5 करोड़ से अधिक लोग प्रीडायबिटीज की समस्या से जूझ रहे हैं। यानी इतना बड़ा जनसमूह ऐसी स्थिति में है, जिसमें शुगर लेवल तो बढ़ जाता है, लेकिन डायबिटीज की आधिकारिक सीमा तक नहीं पहुंचता। यदि समय रहते ध्यान न दिया जाए तो यही प्रीडायबिटीज कुछ वर्षों में
टाइप-2 डायबिटीज का रूप ले सकती है।
क्या है प्रीडायबिटीज?
प्रीडायबिटीज एक ऐसी अवस्था है, जिसमें शरीर इंसुलिन का सही तरह उपयोग नहीं कर पाता। इससे ब्लड शुगर सामान्य से अधिक हो जाता है। हालांकि, इसे रोककर पूरी तरह सामान्य स्थिति में लौटा जा सकता है।
ब्लड शुगर लेवल की सामान्य सीमा:
| टेस्ट | सामान्य | प्रीडायबिटीज | डायबिटीज |
|---|
| फास्टिंग शुगर | 100 mg/dL से कम | 100–125 mg/dL | 126 mg/dL या अधिक |
| HbA1c | 5.6% से कम | 5.7–6.4% | 6.5% या अधिक |
किन लोगों को प्रीडायबिटीज का अधिक खतरा?
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फैमिली हिस्ट्री में डायबिटीज
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30 वर्ष से अधिक उम्र
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मोटापा या ज्यादा पेट की चर्बी
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शारीरिक गतिविधि कम
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हाई ब्लड प्रेशर और हाई कोलेस्ट्रॉल
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असंतुलित खानपान (चीनी और प्रोसेस्ड फूड ज्यादा)
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तनाव और नींद की कमी
लक्षण — कई बार दिखाई नहीं देते
प्रीडायबिटीज में अक्सर स्पष्ट लक्षण नहीं दिखते, लेकिन कुछ संकेतों पर ध्यान देना चाहिए:
अभी से संभल जाएं, पूरी तरह उलटा जा सकता है!
प्रीडायबिटीज डायबिटीज बनने से पहले चेतावनी का संकेत है। अच्छी बात यह है कि जीवनशैली में सुधार करके इसे रोकना और ठीक करना संभव है।
क्या करें?
क्या आप भी जांच करवाना चाहते हैं?
यदि आप जोखिम समूह में आते हैं, तो फास्टिंग शुगर और HbA1c टेस्ट तुरंत करा लें। जल्दी पता चल जाने पर यह समस्या आसानी से नियंत्रित की जा सकती है।
World Diabetes Day 2025 हमें यही याद दिलाता है कि यदि प्रीडायबिटीज को हरा दिया जाए, तो डायबिटीज को आने से रोका जा सकता है। इसलिए आज से ही सही कदम उठाएं और अपनी सेहत को सुरक्षित रखें!
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