UP: वंदे मातरम् की 150वीं वर्षगांठ पर बोले CM योगी— यह गीत राष्ट्र प्रथम की भावना जगाता है


 राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम् की 150वीं वर्षगांठ के अवसर पर उत्तर प्रदेश में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राष्ट्रभक्ति से भरा संबोधन दिया। उन्होंने कहा कि वंदे मातरम् वह गीत है जिसने भारत की आजादी के आंदोलन में न केवल जोश भरने का काम किया बल्कि पूरे देश को ‘राष्ट्र प्रथम’ की भावना से जोड़ते हुए एकता के सूत्र में पिरोया।

सीएम योगी ने कहा कि बंकिमचंद्र चट्टोपाध्याय द्वारा रचित यह गीत भारत की सांस्कृतिक चेतना और मातृभूमि के प्रति अटूट समर्पण का प्रतीक है। इसने स्वतंत्रता सेनानियों को अंग्रेजी शासन के खिलाफ संघर्ष के लिए प्रेरित किया और ब्रिटिश हुकूमत को यह एहसास दिलाया कि भारत की आत्मा कभी भी पराजित नहीं हो सकती।

“वंदे मातरम् आत्मसम्मान और राष्ट्रीय गौरव की ध्वनि है”

अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने जोर दिया कि वंदे मातरम् कोई सामान्य गीत नहीं, बल्कि यह राष्ट्र के आत्मसम्मान, शक्ति और आत्मबल का स्वर है। उन्होंने कहा—

“यह गीत हमें याद दिलाता है कि राष्ट्र से बढ़कर कुछ नहीं। मातृभूमि की रक्षा के लिए भारत का हर नागरिक किसी भी चुनौती का सामना करने को तैयार रहे, यही वंदे मातरम् की मूल भावना है।”

सीएम योगी ने यह भी बताया कि आज जब भारत दुनिया में अपनी पहचान को और मजबूत कर रहा है, तब इस गीत के भाव और भी अधिक प्रासंगिक और जीवंत हो गए हैं।

युवा पीढ़ी को विरासत से जोड़ने की जरूरत

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज की युवा पीढ़ी को वंदे मातरम् से जुड़े ऐतिहासिक संघर्ष और त्याग की गाथा समझानी होगी। यह गीत केवल स्वतंत्रता की याद नहीं दिलाता, बल्कि एक विकसित और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण का संकल्प भी मजबूत करता है।

उन्होंने कहा कि शिक्षा संस्थानों और सामाजिक मंचों पर वंदे मातरम् के गायन को प्रोत्साहित किया जाना चाहिए, ताकि देशभक्ति की यह लौ निरंतर जलती रहे।

कार्यक्रम में राष्ट्रगौरव की झलक

कार्यक्रम में सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के साथ वंदे मातरम् की मूल पंक्तियों का सामूहिक गायन हुआ। मुख्यमंत्री ने सभी उपस्थित लोगों के साथ राष्ट्रगीत को भावपूर्ण तरीके से गाया और स्वतंत्रता सेनानियों को याद करते हुए उनके बलिदानों को नमन किया।

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