भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने आम लोगों को बड़ी राहत देते हुए एक अहम बदलाव की घोषणा की है। अब तक जहां सिर्फ सोने पर लोन मिलता था, वहीं अब चांदी को भी इस दायरे में शामिल किया गया है। यानी यदि आपके पास चांदी के बर्तन, सिक्के या ज्वेलरी घर में मौजूद है, तो आप उनके बदले भी बैंक या अधिकृत वित्तीय संस्थानों से लोन प्राप्त कर सकते हैं। यह नियम खासकर उन लोगों के लिए राहत लेकर आया है जिनके पास चांदी ज्यादा है लेकिन सोने की मात्रा कम है।
क्यों किया गया यह बदलाव?
RBI का मानना है कि भारत के अधिकांश घरों में अच्छी खासी चांदी मौजूद होती है, लेकिन वह सिर्फ शोपीस या सुरक्षित निवेश बनकर रह जाती है। अब इससे लोगों को आपातकाल या आर्थिक जरूरतों के समय वित्तीय सहायता मिल सकेगी।
इसके अलावा, इस फैसले से चांदी की मांग और वैल्यू को भी बढ़ावा मिलेगा।
कैसे मिलेगा चांदी पर लोन?
लोन लेने के लिए आपको चांदी वित्तीय संस्थान के पास जमा करनी होगी। बैंक उसकी शुद्धता, वजन और मार्केट रेट के आधार पर लोन तय करेगा।
✔ चांदी की वैल्यू का एक निश्चित प्रतिशत लोन के रूप में दिया जाएगा
✔ चांदी को सुरक्षित तिजोरी में रखा जाएगा
✔ तय समय पर लोन चुका देने पर चांदी वापस मिल जाएगी
ध्यान दें — लोन की शर्तें संस्थान के अनुसार बदल सकती हैं।
किन-किन चीज़ों पर मिल सकता है लोन?
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चांदी के आभूषण
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चांदी के सिक्के
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चांदी के बर्तन / सिल्वरवेयर
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इन्वेस्टमेंट ग्रेड सिल्वर बार
टूटी या डिजाइन वाली चांदी भी स्वीकार की जा सकती है, बशर्ते उसकी शुद्धता ठीक हो।
क्या हैं नियम?
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KYC डॉक्यूमेंट अनिवार्य रहेंगे (आधार, पैन आदि)
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लोन राशि चांदी के मौजूदा बाजार मूल्य से जुड़ेगी
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चांदी नकली पाई गई तो लोन तुरंत रद्द
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समय पर लोन न चुकाने पर चांदी बेची जा सकती है
किसे होगा सबसे ज्यादा फायदा?
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छोटे कारोबारियों को
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किसानों को
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घरेलू महिलाएं जिन्हें त्वरित फंड चाहिए
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निवेश के रूप में चांदी रखने वाले लोग
विशेषज्ञों की राय
वित्त विशेषज्ञ इसे एक सकारात्मक वित्तीय कदम बताते हैं जिससे लोगों की लिक्विडिटी बढ़ेगी और आर्थिक गतिविधियां मजबूत होंगी। ग्रामीण भारत में चांदी अधिक होने के कारण इसका व्यापक लाभ देखने को मिलेगा।
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