टेक दिग्गज Microsoft इन दिनों एक बड़े विवाद का सामना कर रही है। ऑस्ट्रेलिया में करीब 2.7 मिलियन (27 लाख) Microsoft 365 उपयोगकर्ताओं को कंपनी ने आधिकारिक रूप से माफी माँगी है और उनके पैसे वापस करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इस कदम ने टेक इंडस्ट्री में हलचल मचा दी है।
क्या है विवाद?
Microsoft पर आरोप है कि उसने Microsoft 365 AI सब्सक्रिप्शन प्लान से जुड़े कीमतों और फीचर विकल्पों की जानकारी सही तरीके से ग्राहकों तक नहीं पहुंचाई। कई उपयोगकर्ताओं को यह विश्वास दिलाया गया कि AI-आधारित एडिशन लेते समय उनके पास सीमित विकल्प हैं, जबकि बाजार में अन्य किफायती और समान सुविधाओं वाले सब्सक्रिप्शन भी उपलब्ध थे।
ऑस्ट्रेलियन कॉम्पिटीशन एंड कंज्यूमर कमीशन (ACCC) ने जांच के बाद पाया कि ग्राहकों को दी गई जानकारी पारदर्शी नहीं थी और इससे वे ठगा महसूस कर रहे थे। यही वजह है कि Microsoft को आधिकारिक रूप से माफी मांगनी पड़ी।
कौन-से यूजर्स होंगे रिफंड के पात्र?
रिपोर्ट्स के अनुसार:
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जिन उपयोगकर्ताओं से अतिरिक्त शुल्क लिया गया
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जिन्हें प्राइसिंग और विकल्पों की गलत जानकारी दी गई
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और जिन्होंने कम सुविधाओं वाले सब्सक्रिप्शन के बावजूद ज्यादा भुगतान किया
उन्हें Microsoft द्वारा धनवापसी दी जाएगी।
यह रिफंड प्रक्रिया करोड़ों रुपये के दायरे में पहुंच सकती है।
Microsoft का बयान
कंपनी ने कहा:
"हम ग्राहकों के भरोसे की कद्र करते हैं और पारदर्शिता हमारी प्राथमिकता है। किसी भी भ्रम या असुविधा के लिए हमें खेद है।"
Microsoft ने यह भी आश्वासन दिया कि आगे से 365 प्लान्स की जानकारी और शर्तें अधिक साफ-सुथरे तरीके से प्रस्तुत की जाएंगी।
एआई फीचर की कीमत पर लगातार बढ़ते सवाल
बाजार में AI के नए-नए टूल्स आते जा रहे हैं और कंपनियाँ इनके लिए प्रेमियम कीमतें वसूल रही हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि Microsoft का यह मामला टेक कंपनियों के लिए चेतावनी है कि वे AI प्राइसिंग और प्लान्स को लेकर ग्राहकों को भ्रमित ना करें।
उपभोक्ताओं को राहत
इस फैसले से लाखों उपभोक्ताओं को आर्थिक राहत मिलेगी और पारदर्शी डिजिटल मार्केटिंग को बढ़ावा मिलेगा। साथ ही यह मामला वैश्विक स्तर पर तकनीकी कंपनियों के नियमों और जिम्मेदारियों पर भी चर्चा को बढ़ावा दे रहा है।
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