भारतीय राजनीति की सबसे प्रभावशाली और वरिष्ठ हस्तियों में शुमार भारत रत्न लालकृष्ण आडवाणी आज अपना 98वां जन्मदिन मना रहे हैं। पूर्व उपप्रधानमंत्री और पूर्व गृह मंत्री रहे आडवाणी ने अपने लंबे राजनीतिक सफर में देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था, राष्ट्रीय सुरक्षा और वैचारिक विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। इस विशेष अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सहित कई वरिष्ठ नेताओं और नागरिकों ने उन्हें बधाई और शुभकामनाएँ दीं।
प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट साझा करते हुए आडवाणी को जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनाएँ दीं। उन्होंने लिखा कि लालकृष्ण आडवाणी का जीवन देश और समाज के लिए आदर्श रहा है। पीएम मोदी ने उनके स्वस्थ और दीर्घायु जीवन की कामना की। प्रधानमंत्री ने कहा कि भारतीय राजनीति में आडवाणी की भूमिका सदैव प्रेरणा का स्रोत बनी रहेगी।
सादगी, संघर्ष और समर्पण का प्रतीक
लालकृष्ण आडवाणी का जन्म 8 नवंबर 1927 को कराची (अब पाकिस्तान) में हुआ था। विभाजन के बाद उनका परिवार भारत आया और उन्होंने अपनी राजनीतिक यात्रा राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) से जुड़कर शुरू की। इसके बाद वे भारतीय जनसंघ और फिर भारतीय जनता पार्टी (BJP) के प्रमुख संस्थापकों में शामिल बने।
बाबरी आंदोलन, सुशासन, आतंकवाद के खिलाफ कड़ा रुख और संघीय ढांचे को मजबूत करने में उनकी सक्रिय भूमिका हमेशा याद की जाती है। आडवाणी के नेतृत्व में भाजपा राष्ट्रीय राजनीति के केंद्र में पहुंची और सत्ता में बड़ा विस्तार देखने को मिला।
भारत रत्न से सम्मानित
देश के प्रति उनके अतुलनीय योगदान को देखते हुए भारत सरकार ने उन्हें 2024 में भारत रत्न से सम्मानित किया। यह सम्मान उनके राजनीतिक जीवन और राष्ट्र सेवा की दशकों लंबी यात्रा की गौरवपूर्ण स्वीकृति है।
राजनीतिक और वैचारिक धरोहर
न केवल भाजपा बल्कि देश की राजनीति में भी आडवाणी एक ऐसी शख्सियत हैं जिन्होंने विविध विचारधाराओं के बीच संवाद और लोकतांत्रिक मूल्यों को मजबूती दी। आज भी उनके जीवन के अनुभव नई पीढ़ी के नेताओं को मार्गदर्शन प्रदान करते हैं।
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