देश के प्रथम प्रधानमंत्री, आधुनिक भारत की नींव रखने वाले प्रख्यात चिंतक और स्वतंत्रता आंदोलन के प्रमुख नेता पंडित जवाहरलाल नेहरू की आज 125वीं जन्म जयंती मनाई जा रही है। इस अवसर पर पूरे देश में कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं, जहाँ नेहरू के योगदान, विचारधारा और उनके द्वारा स्थापित लोकतांत्रिक मूल्यों को याद किया जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने भी उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनकी विरासत को नमन किया।
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संदेश में कहा कि पंडित नेहरू ने स्वतंत्रता के बाद भारत को एक स्थिर दिशा दी और आधुनिक संस्थानों की स्थापना में उनकी भूमिका महत्वपूर्ण रही। उन्होंने राष्ट्रनिर्माण की प्रक्रिया में विज्ञान, प्रौद्योगिकी और शिक्षा को मजबूत आधार बनाने पर विशेष जोर दिया। पीएम मोदी ने कहा कि देश उनकी सेवाओं को सदैव सम्मान के साथ याद करता रहेगा।
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने भी संसद परिसर में जाकर पंडित नेहरू को श्रद्धांजलि दी। उन्होंने अपने संदेश में कहा कि लोकतंत्र, धर्मनिरपेक्षता और सामाजिक न्याय के प्रति नेहरू की प्रतिबद्धता आज भी भारत के मार्गदर्शक सिद्धांतों में शामिल है। खरगे ने कहा कि भारतीय लोकतंत्र की मजबूती और संस्थागत विकास में नेहरू का योगदान अप्रतिम है।
पंडित नेहरू का जन्म 14 नवंबर 1889 को इलाहाबाद में हुआ था। वे न केवल भारत के पहले प्रधानमंत्री बने बल्कि लंबे समय तक पद पर रहकर देश को आधुनिक सोच, योजना और बुनियादी ढांचे की दिशा में आगे बढ़ाते रहे। उनकी दृष्टि में भारत एक ऐसा राष्ट्र था जो वैज्ञानिक सोच के साथ आगे बढ़े और विश्व पटल पर एक सम्मानजनक स्थान बनाए। उनकी यही सोच उन्हें बच्चों का प्रिय ‘चाचा नेहरू’ बनाती है, जिनकी जयंती भारत में बाल दिवस के रूप में भी मनाई जाती है।
आज देशभर के विद्यालयों, सामाजिक संगठनों और विभिन्न संस्थाओं में पंडित नेहरू को याद करते हुए कई सांस्कृतिक और शैक्षिक कार्यक्रम आयोजित हो रहे हैं। संगोष्ठियों में उनके लेखन, विदेश नीति, पंचशील सिद्धांत और भारत के लोकतांत्रिक ढांचे को मजबूत करने में उनकी भूमिका पर चर्चा हो रही है।
नेहरू की 125वीं जयंती केवल एक ऐतिहासिक तिथि नहीं, बल्कि यह अवसर है उनके विचारों को पुनः स्मरण करने का—वे विचार जो आधुनिक भारत की प्रेरणा बनकर आज भी जीवंत हैं।
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