देश में महामारी से निपटने की तैयारी को और मजबूत करने के लिए ICMR ने नई सिंड्रोमिक सर्विलांस नीति लागू की है। इस नीति के तहत खांसी, बुखार और अन्य सामान्य लक्षणों को भी संभावित संक्रमण माना जाएगा और इनकी नियमित निगरानी की जाएगी। इसका उद्देश्य किसी भी बीमारी या संक्रमण के फैलने से पहले उसके शुरुआती संकेत पहचानना और समय पर अलर्ट जारी करना है।
क्या है नई नीति?
ICMR ने एक सिंड्रोमिक सर्विलांस सिस्टम शुरू किया है। इसमें स्वास्थ्य केंद्रों, अस्पतालों और क्लीनिकों में आने वाले मरीजों के लक्षणों का डेटा इकट्ठा किया जाएगा। यदि किसी क्षेत्र में खांसी, बुखार, गले में दर्द, सांस की दिक्कत जैसे मामलों में अचानक बढ़ोतरी होती है, तो यह किसी नई बीमारी का संकेत माना जाएगा।
कैसे होगा अलर्ट जारी?
-
ICMR इन लक्षणों के आधार पर नेशनल हेल्थ अलर्ट जारी करेगा।
-
स्थानीय प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग को तुरंत सतर्क किया जाएगा।
-
जरूरत पड़ने पर उस क्षेत्र में जांच, कंटेनमेंट और रोकथाम की प्रक्रिया तुरंत शुरू की जाएगी।
इस बदलाव का लाभ
-
किसी भी संक्रमण या महामारी के शुरुआती चरण में ही पकड़ मिल जाएगी।
-
COVID-19 जैसी स्थिति दोबारा बनने से पहले ही रोकथाम के कदम उठाए जा सकेंगे।
-
ग्रामीण और दूरस्थ इलाकों में भी बीमारी के पैटर्न को बेहतर तरीके से समझा जा सकेगा।
निगरानी में शामिल लक्षण
-
बुखार
-
खांसी
-
गले में दर्द
-
सांस की तकलीफ
-
उल्टी-दस्त जैसी अचानक बढ़ती समस्याएं
ICMR की यह नीति देश में स्वास्थ्य सुरक्षा तंत्र को मजबूत बनाने की दिशा में बड़ा कदम मानी जा रही है। अब आम बीमारियों के लक्षण भी गंभीरता से लेकर महामारी के खतरे को शुरुआती स्तर पर ही रोका जा सकेगा
.jpg)
0 टिप्पणियाँ