सर्वाइकल कैंसर महिलाओं में चौथा सबसे आम कैंसर है और कैंसर से होने वाली मौतों के प्रमुख कारणों में भी शामिल है। अच्छी बात यह है कि यह रोकथाम योग्य कैंसर है, यानी सही जागरूकता और समय पर सावधानियां अपनाकर इसके जोखिम को काफी हद तक कम किया जा सकता है। हालांकि कई बार हमारी रोजमर्रा की छोटी-छोटी गलतियां भी इसके खतरे को बढ़ाने में बड़ी भूमिका निभाती हैं। आइए जानते हैं कि कौन-सी आदतें इस कैंसर के खतरे को बढ़ा सकती हैं और कैसे सावधानी बरतकर खुद को सुरक्षित रखा जा सकता है।
1. नियमित स्वास्थ्य जांच न करवाना
कई महिलाएं अपनी सेहत को लेकर लापरवाह रहती हैं और नियमित रूप से पैप स्मियर या HPV टेस्ट नहीं करवातीं।
यह टेस्ट शुरुआती स्टेज में बीमारी को पकड़ने में मदद करते हैं, जिससे उपचार आसान हो जाता है।
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21 वर्ष के बाद हर 3 साल में पैप टेस्ट करवाना फायदेमंद होता है।
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HPV टेस्ट 30 वर्ष से ऊपर की महिलाओं के लिए जरूरी है।
2. असुरक्षित यौन संबंध
HPV (ह्यूमन पैपिलोमा वायरस) सर्वाइकल कैंसर का सबसे बड़ा कारण है। असुरक्षित यौन संबंध और कई पार्टनर्स होना HPV संक्रमण का खतरा बढ़ा देता है।
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सुरक्षित संबंध बनाने पर जोर दें।
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पार्टनर का स्वास्थ्य इतिहास जानें।
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HPV वैक्सीन जरूर लगवाएं।
3. कमजोर प्रतिरक्षा प्रणाली
कमजोर इम्यून सिस्टम शरीर को HPV जैसे संक्रमणों से लड़ने में कमजोर बना देता है, जिससे सर्वाइकल कैंसर का जोखिम बढ़ जाता है।
इम्यूनिटी कम होने के कारण:
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लगातार तनाव
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नींद की कमी
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असंतुलित आहार
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लंबे समय तक स्टेरॉयड या इम्यूनो-सप्रेसिव दवाओं का सेवन
4. धूम्रपान और तंबाकू सेवन
तंबाकू में मौजूद हानिकारक रसायन सर्वाइकल कोशिकाओं को नुकसान पहुंचाते हैं और HPV संक्रमण को तेजी से बढ़ाते हैं।
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धूम्रपान करने वाली महिलाओं में यह कैंसर होने का खतरा 2 गुना तक बढ़ जाता है।
5. शरीर की साफ-सफाई में लापरवाही
जननांगों की साफ-सफाई न रखना, गंदे अंडरगारमेंट पहनना या बार-बार संक्रमण होना भी जोखिम बढ़ा सकता है।
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कॉटन के अंडरगारमेंट पहनें
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बार-बार इन्फेक्शन होने पर डॉक्टर से मिलें
कैसे करें बचाव? महत्वपूर्ण सावधानियां
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HPV वैक्सीन लगवाएं – यह रोकथाम का सबसे प्रभावी तरीका है।
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संतुलित आहार लें – विटामिन C, E और फोलिक एसिड इम्यूनिटी बढ़ाते हैं।
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सुरक्षित यौन संबंध बनाएं।
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धूम्रपान छोड़ें।
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नियमित पैप स्मियर और HPV टेस्ट कराएं।
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