गुरु तेग बहादुर जी के 350वें शहीदी दिवस के पावन अवसर पर तख़्त श्री हरमंदिर साहिब, पटना साहिब में भव्य और आध्यात्मिक माहौल देखने को मिला। देशभर से भारी संख्या में श्रद्धालु पटना पहुंचे, जहां विशेष कीर्तन समागम और धार्मिक कार्यक्रमों की शुरुआत के साथ पूरा परिसर भक्ति व श्रद्धा से गूंज उठा।
तख़्त श्री हरमंदिर साहिब में हुआ शुभारंभ
गुरुपर्व के उपलक्ष्य में आयोजित इस विशेष समागम का आरंभ गुरबाणी कीर्तन से किया गया। कीर्तन की मधुर स्वरधारा और पवित्र वातावरण में श्रद्धालुओं ने सिर झुकाकर सतगुरु का आशीर्वाद लिया। पूरे परिसर में सजावट, रोशनी और सेवाभाव से भरा माहौल देखने को मिला।
23 नवंबर तक चलेंगे विशेष आयोजन
इस वर्ष के उत्सव को खास बनाने के लिए विभिन्न धार्मिक गतिविधियों का आयोजन 23 नवंबर तक किया जाएगा। इनमें शामिल हैं—
-
अखंड पाठ
-
विशेष कीर्तन दरबार
-
गुरुमत प्रवचन
-
लंगर सेवा
-
नगर कीर्तन
इन कार्यक्रमों में बड़ी संख्या में संगत भाग ले रही है और गुरु तेग बहादुर साहिब की शिक्षाओं को आत्मसात कर रही है।
गुरु तेग बहादुर जी के बलिदान की याद
गुरु तेग बहादुर साहिब का बलिदान मानवता, धर्म और स्वतंत्रता की रक्षा का अद्वितीय उदाहरण माना जाता है। मुगलों के अत्याचारों से हिंदू धर्म और कश्मीरी पंडितों की रक्षा के लिए उन्होंने अपने प्राण न्योछावर किए। इसीलिए उन्हें “हिंद दी चादर” कहा जाता है।
उनके 350वें शहीदी दिवस पर श्रद्धालुओं ने न केवल श्रद्धा प्रकट की, बल्कि उनके द्वारा दिखाए गए साहस, बलिदान, समर्पण और मानवता के रास्ते पर चलने का संकल्प भी लिया।
निष्कर्ष
गुरु तेग बहादुर जी के 350वें शहीदी दिवस पर पटना साहिब में उमड़ा भक्तों का सैलाब उनकी महान शिक्षाओं और बलिदान के प्रति लोगों की अटूट आस्था को दर्शाता है। 23 नवंबर तक चलने वाले इस विशेष आयोजन ने एक बार फिर पूरे वातावरण को भक्ति, करुणा और सद्भावना से भर दिया है।
.jpg)
0 टिप्पणियाँ