दिल्ली में विमानों के GPS सिग्नल में फेक अलर्ट! गलत नेविगेशन डेटा से बढ़ी सतर्कता, DGCA अलर्ट पर


 दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट से उड़ान भरने वाले और यहां लैंड करने वाले विमानों के लिए पिछले कुछ दिनों से एक नई चुनौती खड़ी हो गई है। रिपोर्ट्स के अनुसार, यहां विमानों के GPS (Global Positioning System) सिग्नल में लगातार फेक अलर्ट मिल रहे हैं, जिससे उनकी नेविगेशन और लोकेशन ट्रैकिंग में त्रुटियाँ सामने आ रही हैं। इस तकनीकी हस्तक्षेप को GPS Spoofing कहा जाता है, जो उड्डयन सुरक्षा के लिहाज से बेहद संवेदनशील माना जाता है।

GPS स्पूफिंग के दौरान विमान के सिस्टम को नकली या गलत लोकेशन सिग्नल भेजे जाते हैं, जिससे पायलट को वास्तविक पोज़िशन, रूट और ऊँचाई की गलत जानकारी मिल सकती है। इससे उड़ान संचालन पर सीधा असर पड़ता है और नेविगेशन में गंभीर जोखिम पैदा हो जाता है। हालांकि अब तक किसी भी विमान के ऑपरेशन पर इसका खतरनाक प्रभाव नहीं पड़ा है, लेकिन DGCA (नागरिक उड्डयन महानिदेशालय) ने इस स्थिति को गंभीरता से लेते हुए सभी एयरलाइंस को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं।

जानकारी के अनुसार, पिछले एक सप्ताह से लगातार ऐसे मामले दर्ज किए जा रहे हैं, खासकर अप्रोच और टेकऑफ के समय GPS सिग्नल में गड़बड़ी देखने को मिली है। DGCA ने एयरलाइन ऑपरेटर्स को सलाह दी है कि वे आवश्यकतानुसार वैकल्पिक नेविगेशन साधनों पर भरोसा रखें, जैसे कि रेडियो-बेस्ड नेविगेशन सिस्टम्स, और किसी भी संदिग्ध तकनीकी गतिविधि पर तुरंत रिपोर्ट दर्ज करें।

उड्डयन विशेषज्ञों के मुताबिक, GPS स्पूफिंग का दायरा बढ़ना वैश्विक चिंता का विषय है। यह न सिर्फ उड़ान सुरक्षा को प्रभावित कर सकता है बल्कि अंतरराष्ट्रीय एयर ट्रैफिक मैनेजमेंट के लिए भी खतरा पैदा कर सकता है। ऐसे मामलों में पायलटों को अतिरिक्त सावधानी बरतने और SOP (Standard Operating Procedures) के अनुसार तुरंत बैकअप सिस्टम्स एक्टिवेट करने की सलाह दी गई है।

DGCA ने बताया कि एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया और इंटेलिजेंस एजेंसियाँ मिलकर इस तकनीकी गड़बड़ी की जड़ तक पहुंचने की कोशिश कर रही हैं। यदि GPS सिग्नल में जानबूझकर हस्तक्षेप किया गया है, तो यह साइबर सिक्योरिटी का बड़ा उल्लंघन साबित हो सकता है।

फिलहाल, DGCA ने पायलटों और एयरलाइंस को ऑपरेशन के दौरान अधिक सतर्कता बरतने के निर्देश जारी किए हैं। साथ ही यात्रियों को आश्वस्त किया गया है कि उड़ानों की सुरक्षा प्राथमिकता है और सभी एहतियाती कदम तेजी से लागू किए जा रहे हैं।

एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ