देश के पहाड़ी इलाकों में सर्दी ने दस्तक दे दी है। नवंबर की शुरुआत के साथ ही उत्तर भारत के कई हिस्सों में तापमान तेजी से गिर रहा है। हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर के ऊपरी इलाकों में पारा शून्य से नीचे पहुंच चुका है, जिससे जनजीवन प्रभावित होने लगा है। सुबह और रात के समय शीतलहर जैसी स्थिति बन रही है, जबकि दिन के समय भी धूप के बावजूद ठंडक महसूस की जा रही है।
उत्तर भारत में सर्दी ने पकड़ी रफ्तार
हिमाचल प्रदेश के लाहौल-स्पीति, कुल्लू और किन्नौर जिलों में बर्फबारी के बाद तापमान में भारी गिरावट आई है। कई स्थानों पर न्यूनतम तापमान माइनस 3 डिग्री सेल्सियस तक दर्ज किया गया है। इसी तरह उत्तराखंड के बदरीनाथ, केदारनाथ, औली और मुनस्यारी जैसे ऊंचाई वाले इलाकों में भी बर्फ की चादर बिछ चुकी है। जम्मू-कश्मीर के गुलमर्ग और सोनमर्ग में बर्फबारी के चलते ठिठुरन और बढ़ गई है।
मैदानी इलाकों की बात करें तो पंजाब, हरियाणा, दिल्ली और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में भी सुबह-शाम की ठंड में इजाफा हुआ है। दिल्ली-एनसीआर में न्यूनतम तापमान सामान्य से 2-3 डिग्री कम दर्ज किया गया है। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, अगले कुछ दिनों में कोहरा भी बढ़ने की संभावना है।
दक्षिण भारत में बारिश का अलर्ट
मौसम विभाग (IMD) ने दक्षिण भारत के कुछ हिस्सों के लिए भी मौसम संबंधी चेतावनी जारी की है। विभाग के अनुसार, 11 और 12 नवंबर को केरल, तमिलनाडु और लक्षद्वीप में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। इन राज्यों में नमी और बादलों की बढ़ती सक्रियता के कारण तापमान में मामूली गिरावट दर्ज की जा सकती है।
तमिलनाडु के तटीय जिलों—चेन्नई, नागपट्टिनम और तूतुकुडी—में रुक-रुक कर बारिश होने का अनुमान है। वहीं, केरल के दक्षिणी हिस्सों में भी छिटपुट वर्षा देखने को मिल सकती है।
आने वाले दिनों का पूर्वानुमान
मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि नवंबर के मध्य तक उत्तर भारत के अधिकांश हिस्सों में न्यूनतम तापमान में और गिरावट दर्ज की जाएगी। कुछ क्षेत्रों में पाला (Frost) पड़ने की भी संभावना है। वहीं, दक्षिण भारत में नॉर्थ-ईस्ट मानसून की सक्रियता बनी रहने से अगले हफ्ते तक रुक-रुक कर बारिश होती रह सकती है।
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