हर माता-पिता अपने बच्चे की हर छोटी-बड़ी गतिविधि पर नजर रखते हैं। लेकिन कई बार कुछ लक्षण इतने सामान्य लगते हैं कि हम उन पर ध्यान नहीं देते। बच्चों में अत्यधिक पसीना आना भी ऐसा ही एक संकेत है जिसे अधिकतर लोग साधारण समझकर नजरअंदाज कर देते हैं।
क्या आप जानते हैं?
बच्चों में पसीने की ग्रंथियां पूरी तरह विकसित नहीं होतीं इसलिए उन्हें बड़ों की तुलना में कम पसीना आता है। ऐसे में अगर बच्चा लगातार, बिना कारण ज्यादा पसीना बहा रहा है, तो यह चिंता का विषय हो सकता है।
क्यों आती है बच्चों को ज्यादा पसीना?
इसके कई कारण हो सकते हैं—कुछ सामान्य और कुछ गंभीर:
सामान्य कारण
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अधिक गर्मी और नमी
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बहुत ज्यादा कपड़े पहनाना
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मोशन, खेलना-कूदना, रोना
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रात में चादरों/कंबल का ज्यादा उपयोग
लेकिन अगर बिना सक्रिय हुए पसीना आता है, खासतौर पर रात में, तो यह मेडिकल समस्या का संकेत हो सकता है।
संभावित बीमारियां जिनका संकेत हो सकता है
| बीमारी/स्थिति | क्या हो सकता है लक्षण |
|---|---|
| विटामिन D या कैल्शियम की कमी (रिकेट्स) | सिर, गर्दन पर अधिक पसीना, हड्डियों में कमजोरी |
| हृदय संबंधी समस्या | सांस फूलना, धड़कन तेज होना |
| थायरॉयड का बढ़ना (हाइपरथायरायडिज्म) | वजन कम होना, चिड़चिड़ापन |
| इन्फेक्शन/बुखार अंदरूनी | शरीर ठंडा रहते हुए भी पसीना |
| हाइपरहाइड्रोसिस | हथेलियों और तलवों में ज्यादा पसीना |
अगर इन लक्षणों के साथ बच्चा बार-बार थक जाता है, चिड़चिड़ा रहता है, वजन नहीं बढ़ता या दूध पीते समय सांस फूलती है, तो तुरंत डॉक्टर को दिखाएं।
कब जाएं डॉक्टर के पास?
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बच्चा आराम करते हुए भी बहुत पसीना बहाए
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रात में सिर व गर्दन पूरी भिग जाए
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बार-बार छाती में दर्द या खांसी
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खाने-पीने में कमी
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बच्चे की विकास दर धीमी हो जाए
यह दिल, सांस और हड्डियों से जुड़ी समस्या का संकेत हो सकता है।
घर पर क्या करें?
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बच्चे को मौसम के अनुसार हल्के और सूती कपड़े पहनाएं
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कमरे में उचित वेंटिलेशन रखें
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अत्यधिक एक्टिविटी के बाद आराम कराएं
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नियमित पैडियाट्रिशियन चेकअप कराते रहें
ध्यान रखें
“छोटे लक्षण, बड़े खतरे की शुरुआत हो सकते हैं।”
इसलिए लापरवाही न करें। अगर लगातार ज्यादा पसीने की समस्या दिखे, तो तुरंत चिकित्सा सलाह लें — क्योंकि बच्चे की सेहत में जल्दी पहचान ही सबसे बड़ा बचाव है।
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