श्री रामचंद्र मिशन, हार्टफुलनेस इंस्टिट्यूट के तत्वावधान में 'एकाग्रता और यादाश्त संवर्धन' विषय पर तीन दिवसीय कार्यशाला सैनिक शिक्षा निकेतन इंटर कॉलेज में आयोजित
कानपुर देहात: सरवनखेड़ा में गैरलाभकारी वैश्विक आध्यात्मिक संस्था श्री रामचंद्र मिशन, हार्टफुलनेस इंस्टिट्यूट के तत्वावधान में 'एकाग्रता और यादाश्त संवर्धन' विषय पर तीन दिवसीय कार्यशाला का आयोजन सैनिक शिक्षा निकेतन इंटर कॉलेज में किया गया. पहले दिन कानपुर से आए ध्यान प्रशिक्षक एवं नवोदय विद्यालय से सेवानिवृत्त प्रधानाचार्य बलवान सिंह सेंगर ने सूक्ष्म सुझाव के माध्यम से मन और शरीर को आराम की अवस्था में लाने का प्रशिक्षण दिया. ध्यान प्रशिक्षक एवं बैंक से रिटायर्ड अधिकारी आरपी गुप्ता ने हृदय आधारित ध्यान का छात्र और छात्राओं को अनुभव कराया. कहा, आज हर व्यक्ति तनाव में है. तनाव को कम करने के साथ साथ ध्यान के अनेक लाभ हैं |
प्रशिक्षक निरंकार सिंह ने बताया कि दाहिने हाथ से कार्य करने वालों का बायां, बाएं हाथ से काम करने वालों का दाहिनी तरफ का ब्रेन विकसित होता है. अगर हम दोनों हाथों से सहजता से होने वाले छोटे छोटे कार्य करें (जैसे कलर, लिखना और ब्रेश करना) तो हमारे दाएं और बाएं दोनों ब्रेन विकसित होंगे. इसका असर कार्यों और पढ़ाई-लिखाई में दिखेगा. एकाग्रता और याददाश्त बढ़ेगी. ब्रेन के विकास में सहायक सूक्ष्म व्यायाम भी कराए गए. दूसरे दिन भावनात्मक बोझ से राहत पाने की तकनीक साझा की गई. तीसरे दिन प्रार्थना के माध्यम से अपने उच्च स्व: जुड़ने का तरीका बताया गया. साथ में ध्यान भी कराया गया. शरीर में हल्कापन, शांति और पवित्रता का छात्र छात्राओं ने अनुभव किया.
प्रधानाचार्य रणवीर सिंह ने अपने सम्बोधन में कहा, अगर आपकी दिशा सही नहीं है तो आप लक्ष्य तक नहीं पहुंच सकते हैं. सीखने के लिए इच्छाशक्ति, संकल्पशक्ति और अभ्यास बहुत जरूरी है. कार्यशाला में प्रबंधक अजितेश सिंह, समाजसेवी जसवंत सिंह, श्री महेश मिश्रा (उपप्रधानाचार्य), श्री राजेंद्र शुक्ला (वरिष्ठ हिंदी अध्यापक), रामसागर , सोनू सिंह , विनीत त्रिवेदी, शिवस्वरूप , अजित, आशुतोष, हरिओम, सतेंद्र यादव उपस्थित रहे.


0 टिप्पणियाँ