फूड ब्लॉगर्स इंटरनेट पर अपनी रेसिपी, टिप्स और कुकिंग एक्सपर्टीज साझा करके वर्षों से अपनी एक अलग पहचान बना रहे थे। लेकिन अब गूगल की AI-जनरेटेड समरीज (AI Overviews) ने उनके सामने एक नई चुनौती खड़ी कर दी है। कई फूड ब्लॉगर्स का कहना है कि AI उनकी रेसिपियों को गलत तरीके से सारांशित कर रही है, जिससे तैयार व्यंजन की क्वालिटी प्रभावित हो रही है और उपयोगकर्ताओं में भ्रम भी पैदा हो रहा है। समस्या सिर्फ यहीं तक सीमित नहीं है—उनके ब्लॉग पर आने वाला ट्रैफिक भी तेजी से घट रहा है, जिससे उनकी आय पर सीधा असर पड़ रहा है।
गलत रेसिपी सुझावों से बढ़ रही दिक्कत
ब्लॉगर्स का आरोप है कि AI द्वारा बनाई गई समरीज कई बार सामग्री या स्टेप्स को गलत तरीके से पेश कर देती हैं। कुछ मामलों में मात्रा बदल दी जाती है, तो कुछ में स्टेप्स को पूरी तरह छोड़ दिया जाता है। इससे उपयोगकर्ताओं को वही स्वाद या रिजल्ट नहीं मिलता, जिसके लिए ब्लॉगर्स ने वर्षों मेहनत कर रेसिपी विकसित की है। इससे न सिर्फ उनकी विश्वसनीयता प्रभावित होती है, बल्कि उपयोगकर्ता अनुभव भी खराब हो जाता है।
वेबसाइट ट्रैफिक में भारी गिरावट
AI Summaries की वजह से कई उपयोगकर्ता सीधे गूगल की रिजल्ट पेज पर ही जानकारी हासिल कर लेते हैं और ब्लॉग पर क्लिक ही नहीं करते। पहले जहां रेसिपी देखने के लिए लोग ब्लॉगर्स की साइट्स पर जाते थे, अब AI सीधे उनके कंटेंट का सारांश देकर काम आसान कर देती है। इसका असर वेबसाइट ट्रैफिक पर साफ दिख रहा है—कई ब्लॉगर्स के अनुसार उनके व्यूज़ में 40% से 60% तक की गिरावट दर्ज हुई है।
कमाई पर पड़ रहा है सीधा असर
ट्रैफिक घटने का सीधा असर ब्लॉगर्स की इनकम पर पड़ा है। विज्ञापन, एफिलिएट मार्केटिंग और ब्रांड प्रमोशन—इन सभी से होने वाली कमाई कम हो गई है। खासकर छोटे और मीडियम ब्लॉगर्स के लिए यह स्थिति और भी चुनौतीपूर्ण बन गई है, क्योंकि उनका व्यवसाय पूरी तरह ऑनलाइन रीडर्स पर निर्भर रहता है।
ब्लॉगर्स की मांग: AI में सुधार जरूरी
फूड ब्लॉगर्स का कहना है कि AI को उनके कंटेंट को बिना गलत तरीके से मिलाए, मूल रूप में प्रस्तुत करना चाहिए। साथ ही गूगल को यह भी सुनिश्चित करना चाहिए कि ब्लॉगर्स की मेहनत और क्रेडिट सुरक्षित रहे। कई ब्लॉगर्स ने यह मांग भी की है कि AI Summaries में उनकी वेबसाइट का स्पष्ट लिंक और सही जानकारी शामिल हो, ताकि उपयोगकर्ता जरूरत पड़ने पर मूल स्रोत तक पहुंच सकें।
निष्कर्ष
AI तकनीक जहां सुविधाएं बढ़ा रही है, वहीं फूड ब्लॉगर्स जैसे क्रिएटर्स के लिए चुनौतियां भी पैदा कर रही है। रेसिपियों की गलत व्याख्या, ट्रैफिक में गिरावट और कमाई पर असर जैसे मुद्दे इस बात की ओर इशारा करते हैं कि AI को और अधिक सटीक और जिम्मेदार बनाया जाना जरूरी है।
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