अयोध्या में श्रीराम जन्मभूमि मंदिर परिसर में होने वाला
ध्वजारोहण समारोह बेहद भव्य और ऐतिहासिक होने जा रहा है। 25 नवंबर को आयोजित इस विशेष कार्यक्रम के लिए
30 मिनट का श्रेष्ठ मुहूर्त घोषित कर दिया गया है। पूरे आयोजन की शुरुआत दोपहर 12 बजे से होगी, जिसमें वैदिक मंत्रोच्चार, पूजा-अर्चना और पारंपरिक विधि-विधान के साथ ध्वजारोहण संपन्न कराया जाएगा।
यह समारोह अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि यह पहली बार होगा जब गर्भगृह और मंदिर परिसर में इतने बड़े स्तर पर ध्वजारोहण किया जाएगा। आयोजन में देश-विदेश से करीब 8,000 विशिष्ट मेहमान शामिल होने वाले हैं, जिनमें संत-धर्माचार्य, राष्ट्रीय हस्तियां, राजनीतिक नेता, कला एवं संस्कृति से जुड़े दिग्गज और कई अंतरराष्ट्रीय गणमान्य लोग शामिल होंगे।
सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए मंदिर परिसर में मोबाइल फोन के उपयोग पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया गया है। सभी मेहमानों के प्रवेश के दौरान सुरक्षा जांच बेहद कड़ी रहेगी और परिसर के अंदर किसी भी प्रकार की रिकॉर्डिंग या फोटोग्राफी की अनुमति नहीं दी जाएगी।
ध्वजारोहण के लिए तय किए गए इस मुहूर्त को ज्योतिषाचार्यों ने अत्यंत शुभ माना है। ऐसा कहा जा रहा है कि यह 30 मिनट का समय धार्मिक और खगोलीय दृष्टि से अत्यंत विशेष है, जो मंदिर की ऊर्जा और पवित्रता को और अधिक प्रभावशाली बनाएगा।
अयोध्या प्रशासन और मंदिर ट्रस्ट ने समारोह की तैयारियों को अंतिम रूप दे दिया है। पूरे शहर को दीप, फूलों और आकर्षक सजावट से सुसज्जित किया जा रहा है। सुरक्षा व्यवस्थाएं भी बड़े स्तर पर बढ़ाई गई हैं ताकि कार्यक्रम शांतिपूर्वक और गरिमापूर्ण तरीके से संपन्न हो सके।
25 नवंबर का यह समारोह अयोध्या के लिए ही नहीं, बल्कि पूरे देश के लिए आस्था और गौरव का प्रतीक बनने जा रहा है।
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