बिहार की राजनीति में सोमवार को एक ऐतिहासिक क्षण दर्ज हुआ, जब नीतीश कुमार ने 10वीं बार मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। उनके साथ एनडीए की तरफ से दो उपमुख्यमंत्री—सम्राट चौधरी और विजय सिन्हा—ने भी पद और गोपनीयता की शपथ ली। इसके बाद राज्यपाल द्वारा मंत्रियों को चरणबद्ध तरीके से शपथ दिलाई गई।
शपथ ग्रहण समारोह में इस बार एक विशेष व्यवस्था देखने को मिली, जहां पांच-पांच मंत्रियों को एक साथ शपथ दिलाई गई। पहले चरण में मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्रियों के बाद जिन नेताओं ने मंत्री पद की शपथ ली, उनमें राज्य की राजनीति के अनुभवी चेहरे शामिल रहे।
पहले चरण में शपथ ग्रहण करने वाले मंत्री:
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विजय चौधरी – एनडीए के प्रमुख नेताओं में से एक और संगठनात्मक रूप से मजबूत माने जाते हैं।
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विजेंद्र प्रसाद यादव – सुशासन और प्रशासनिक अनुभव के लिए प्रसिद्ध।
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श्रवण कुमार – ग्रामीण विकास और जनसंपर्क में सक्रिय भूमिका निभाने वाले नेता।
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मंगल पांडेय – स्वास्थ्य और संगठन में महत्वपूर्ण योगदान के लिए जाने जाते हैं।
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दिलीप जायसवाल – संगठन के विश्वस्त नेता और महत्वपूर्ण सामाजिक समीकरणों का प्रतिनिधित्व करते हैं।
कुल मिलाकर, 26 मंत्रियों ने नीतीश कुमार के साथ शपथ ली, जिससे नई सरकार ने अपनी कार्ययोजना और टीम की संरचना को औपचारिक रूप से शुरुआत दी। मंत्रिमंडल में जातीय, क्षेत्रीय और राजनीतिक संतुलन को ध्यान में रखते हुए अनुभव और नई ऊर्जा का संतुलन कायम रखा गया है।
नई टीम के गठन के साथ बिहार में शासन और विकास के नए अध्याय की उम्मीदें एक बार फिर से बढ़ गई हैं। अब सभी की नजर इस पर होगी कि नई सरकार किन प्राथमिकताओं के साथ आगे बढ़ती है और किस तरह से राज्य की बड़ी चुनौतियों—रोजगार, विकास, शिक्षा, स्वास्थ्य और कानून-व्यवस्था—को संबोधित करती है।
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