दिल्ली के युवक ने सिर्फ 2,000 रुपये में बनाया होममेड एयर प्यूरीफायर, 15 मिनट में AQI 350 से 50 तक — जानिए पूरा जुगाड़


 दिल्ली की खतरनाक और जहरीली हवा एक बार फिर लोगों की सेहत पर भारी पड़ रही है। एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) लगातार खतरनाक स्तर पर पहुंच रहा है, ऐसे में अच्छी क्वालिटी का एयर प्यूरीफायर खरीदना हर किसी के बस में नहीं होता। इसी बीच राजधानी के एक युवक का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें उसने सिर्फ 2,000 रुपये खर्च करके खुद का एयर प्यूरीफायर तैयार कर लिया। उसकी यह जुगाड़ मशीन न सिर्फ किफायती है, बल्कि बेहद कारगर भी साबित हो रही है।

युवक ने बताया कि उसने सामान्य घरेलू सामान और कुछ बेसिक इलेक्ट्रिक उपकरणों की मदद से ये एयर प्यूरीफायर बनाया। इसकी सबसे खास बात यह है कि इसे बनाना बेहद आसान है और इसे कोई भी घर पर तैयार कर सकता है। सोशल मीडिया पर पोस्ट शेयर करते हुए युवक ने step-by-step पूरा तरीका भी बताया, जिससे लोग इसे आसानी से खुद बना सकें।

उसके मुताबिक, उसने एक उच्च गुणवत्ता वाला HEPA फिल्टर, एक हाई-स्पीड फैन, और कुछ बेसिक प्लास्टिक या लकड़ी की शीट्स का इस्तेमाल किया। फैन को फिल्टर के साथ सही एयरफ्लो एंगल पर फिट करके एक बॉक्स जैसी संरचना तैयार की गई, जिससे हवा फिल्टर होते ही तुरंत कमरे में वापस पहुंच सके। युवक ने कहा कि आपने चाहे जो भी रूम इस्तेमाल किया हो, यह मशीन 10–15 मिनट के भीतर हवा की क्वालिटी में बड़ा बदलाव ला देती है।

युवक के दावे के मुताबिक, इस homemade purifier ने AQI को 350 से सीधे 50 तक ला दिया, वो भी सिर्फ कुछ ही मिनटों में। लोग उसकी इस क्रिएटिविटी की खूब तारीफ कर रहे हैं। कई यूजर्स ने कहा कि ऐसे समय में जब दिल्ली प्रदूषण से जूझ रही है और एयर प्यूरीफायर की कीमतें आसमान छू रही हैं, यह जुगाड़ लोगों के लिए बेहद मददगार साबित हो सकता है।

कई एक्सपर्ट्स भी मानते हैं कि अगर HEPA फिल्टर और फैन सही क्वालिटी के हों, तो घर पर तैयार किए गए एयर प्यूरीफायर शुरुआती स्तर पर काफी हद तक प्रदूषण कम करने में सहायक होते हैं। हालांकि, वे यह भी सुझाव देते हैं कि नियमित सफाई और फिल्टर बदलना जरूरी है ताकि मशीन की क्षमता बनी रहे।

सोशल मीडिया पर वायरल हुए इस वीडियो ने लोगों को प्रेरित किया है कि थोड़े-से खर्च और थोड़ी-सी समझदारी के साथ वे भी खुद का लो-कॉस्ट एयर प्यूरीफायर बना सकते हैं। ऐसे इनोवेशन न केवल जेब के अनुकूल हैं, बल्कि दिल्ली जैसे शहरों में बढ़ते प्रदूषण के बीच राहत का छोटा, लेकिन महत्वपूर्ण उपाय भी बन सकते हैं

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