Women’s World Cup: स्मृति मंधाना ने विराट कोहली को पछाड़ा, तोड़ा 27 साल पुराना बड़ा रिकॉर्ड


भारतीय ओपनर ने रचा इतिहास

भारतीय महिला क्रिकेट टीम की स्टार बल्लेबाज स्मृति मंधाना ने वुमेंस वर्ल्ड कप में इतिहास रच दिया है। उन्होंने न सिर्फ 5000 रन का आंकड़ा पार किया, बल्कि एक कैलेंडर वर्ष में सबसे ज्यादा रन बनाने का 27 साल पुराना रिकॉर्ड भी अपने नाम कर लिया। मंधाना ने ऑस्ट्रेलिया की दिग्गज बल्लेबाज बेलिंडा क्लार्क का 1997 में बनाया गया 970 रनों का रिकॉर्ड तोड़ते हुए नया विश्व कीर्तिमान स्थापित किया।

विराट कोहली से भी आगे निकलीं मंधाना

मंधाना ने इस उपलब्धि के साथ पुरुष क्रिकेट में भारत के स्टार बल्लेबाज विराट कोहली को भी पीछे छोड़ दिया है। विराट कोहली ने 5000 रन पूरे करने के लिए जहां 138 पारियां खेली थीं, वहीं स्मृति मंधाना ने यह मुकाम सिर्फ 120 पारियों में हासिल कर लिया। इससे वह भारत की सबसे तेज़ 5000 रन बनाने वाली बल्लेबाज बन गई हैं — पुरुष और महिला दोनों श्रेणियों में।

लाजवाब फॉर्म में मंधाना

इस वर्ष मंधाना का बल्ला लगातार रन उगल रहा है। उन्होंने लगभग हर मैच में शानदार प्रदर्शन किया है और टीम इंडिया के लिए स्थिर शुरुआत दी है। उनकी निरंतरता और आक्रामक बल्लेबाजी ने भारत को कई महत्वपूर्ण जीत दिलाई हैं। बल्लेबाजी के अलावा उन्होंने कप्तान के रूप में भी टीम को नई दिशा दी है।

बेलिंडा क्लार्क का रिकॉर्ड टूटा 27 साल बाद

ऑस्ट्रेलिया की महान बल्लेबाज बेलिंडा क्लार्क ने 1997 में एक कैलेंडर वर्ष में 970 रन बनाकर यह रिकॉर्ड कायम किया था। तब से लेकर अब तक कोई खिलाड़ी इस आंकड़े को पार नहीं कर सकी थी। स्मृति मंधाना ने न केवल इसे तोड़ा, बल्कि 1000 से अधिक रन बनाकर नया मानदंड स्थापित किया है।

भारतीय क्रिकेट के लिए गर्व का पल

मंधाना की इस उपलब्धि से भारत का नाम फिर से महिला क्रिकेट इतिहास में सुनहरे अक्षरों में दर्ज हो गया है। सोशल मीडिया पर उन्हें लेकर बधाइयों की बाढ़ आ गई है। पूर्व क्रिकेटरों से लेकर फैन्स तक, सभी स्मृति के जज्बे और उनकी शानदार निरंतरता की सराहना कर रहे हैं।

निष्कर्ष

स्मृति मंधाना का यह रिकॉर्ड सिर्फ व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं, बल्कि भारतीय महिला क्रिकेट के विकास की कहानी है। उन्होंने यह साबित किया है कि समर्पण, निरंतरता और आत्मविश्वास से किसी भी स्तर पर इतिहास रचा जा सकता है। मंधाना की यह उपलब्धि आने वाली पीढ़ी की महिला क्रिकेटरों के लिए प्रेरणा बनेगी।

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