पाकिस्तान क्रिकेट टीम ने 2009 में इंग्लैंड के लॉर्ड्स मैदान पर इतिहास रचते हुए टी20 विश्व कप का खिताब जीता था। यूनिस खान की कप्तानी में टीम ने फाइनल में श्रीलंका को हराकर देशवासियों को जश्न का मौका दिया। लेकिन इस जीत के 16 साल बाद पूर्व ऑफ स्पिनर सईद अजमल ने बड़ा खुलासा किया है।
सरकार से मिला इनाम बना मजाक
सईद अजमल ने बताया कि खिताब जीतने के बाद पाकिस्तान सरकार ने खिलाड़ियों को सम्मानित करने का वादा किया था। सरकार की ओर से टीम को इनाम के तौर पर कैश प्राइज के चेक दिए गए थे। लेकिन जब खिलाड़ी उन्हें बैंक में कैश कराने पहुंचे, तो पता चला कि चेक बाउंस हो गए।
अजमल के अनुसार, उस समय खिलाड़ियों ने इसे लेकर आवाज़ नहीं उठाई क्योंकि पूरा देश जश्न में डूबा हुआ था और हर कोई जीत का जश्न मनाना चाहता था। लेकिन हकीकत यह थी कि खिलाड़ियों के साथ बड़ा धोखा हुआ।
अजमल का बयान
अजमल ने साफ कहा कि,
"2009 का टी20 विश्व कप पाकिस्तान क्रिकेट के लिए मील का पत्थर था। लेकिन हमें जो इनाम और सम्मान सरकार से मिला, वह सिर्फ दिखावा था। चेक बाउंस होने के बाद खिलाड़ियों को बेहद निराशा हुई।"
उनके इस बयान के बाद पाकिस्तान सरकार की उस समय की कार्यप्रणाली और खेल के प्रति रवैये पर सवाल उठने लगे हैं।
खिलाड़ियों की मेहनत और सरकार की नाकामी
यह खुलासा इस बात को भी उजागर करता है कि पाकिस्तान के खिलाड़ियों ने जहां अपनी मेहनत से देश का नाम रोशन किया, वहीं सरकार उनकी मेहनत का सम्मान करने में नाकाम रही।
-
2009 की जीत पाकिस्तान क्रिकेट के लिए ऐतिहासिक थी।
-
उस समय टीम ने कठिन हालात में खिताब जीता था, जब देश में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट लगभग बंद हो चुका था।
-
लेकिन खिलाड़ियों को उचित इनाम न मिलना यह दर्शाता है कि सरकार और प्रशासन खेल को गंभीरता से नहीं लेते।
सोशल मीडिया पर बहस
अजमल के बयान के बाद पाकिस्तान में सोशल मीडिया पर बहस छिड़ गई है। कई फैंस ने सरकार को खिलाड़ियों का अपमान करने वाला बताया, तो कुछ ने कहा कि यह पाकिस्तान क्रिकेट के सिस्टम की असली तस्वीर है।
कुल मिलाकर, 2009 की वह जीत जहां पाकिस्तान क्रिकेट के लिए गौरवशाली पल था, वहीं अब उसके इनाम से जुड़ा यह खुलासा देश की खेल नीति और खिलाड़ियों की स्थिति पर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है।
.jpg)
0 टिप्पणियाँ