पुरुषों में ब्रेस्ट कैंसर — एक कम चर्चित सच
हम अक्सर ब्रेस्ट कैंसर को केवल महिलाओं की बीमारी मानते हैं, लेकिन पुरुषों में भी यह रोग हो सकता है। पुरुषों में ब्रेस्ट टिश्यू महिलाओं की तरह कम होता है, इसलिए इसकी शुरुआत अक्सर छिपी रहती है और पहचान में देर हो सकती है। जागरूकता के अभाव में पुरुष इस बीमारी की पहचान देर से कर पाते हैं, जिससे उपचार कठिन हो सकता है।
प्रमुख लक्षण जिन्हें न करें नजरअंदाज
पुरुषों में ब्रेस्ट कैंसर के कुछ आम लक्षण इस प्रकार हैं:
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स्तन में गांठ या कठोर क्षेत्र – यह सबसे आम संकेत है।
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स्तन या निपल से असामान्य रिसाव – रक्त या अन्य तरल पदार्थ का निकलना।
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स्तन या निपल में सूजन या लालिमा – सूजन या रंग बदलना।
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स्तन में दर्द या संवेदनशीलता – लंबे समय तक दर्द रहना।
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त्वचा में बदलाव – धब्बे, खुरदरापन या निपल का अंदर की ओर घुस जाना।
यदि इन लक्षणों में से कोई दिखाई दे, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। शुरुआती पहचान और उपचार से पुरुषों में ब्रेस्ट कैंसर का इलाज प्रभावी हो सकता है।
जोखिम कारक
कुछ पुरुषों में ब्रेस्ट कैंसर का खतरा अधिक होता है। इनमें शामिल हैं:
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उम्र: आमतौर पर 60 साल से अधिक उम्र के पुरुष अधिक प्रभावित होते हैं।
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पारिवारिक इतिहास: परिवार में ब्रेस्ट कैंसर या BRCA जीन म्यूटेशन।
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हार्मोनल असंतुलन: टेस्टोस्टेरोन और एस्ट्रोजन का असंतुलन।
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जीवनशैली: शराब का अधिक सेवन, मोटापा और धूम्रपान।
जागरूकता और रोकथाम
जागरूकता पुरुषों में इस बीमारी के शुरुआती पहचान के लिए बेहद जरूरी है। नियमित स्वयं-जांच (self-examination) और किसी भी असामान्य बदलाव पर डॉक्टर से जांच करवाना महत्वपूर्ण है। इसके अलावा, स्वस्थ जीवनशैली और पोषण पर ध्यान देना भी जोखिम कम कर सकता है।
निष्कर्ष
ब्रेस्ट कैंसर सिर्फ महिलाओं की बीमारी नहीं है। पुरुषों में भी यह संभव है, और समय पर पहचान तथा इलाज से इसे नियंत्रित किया जा सकता है। ब्रेस्ट कैंसर के प्रति जागरूक रहना और लक्षणों को नजरअंदाज न करना हर पुरुष के लिए जरूरी है।
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