मल्लिकार्जुन खरगे की पेसमेकर सर्जरी: जानें क्या होता है पेसमेकर और इसका काम


 

मल्लिकार्जुन खरगे की सर्जरी

कांग्रेस पार्टी के अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की 1 अक्टूबर 2025 को पेसमेकर सर्जरी हुई। यह सर्जरी दिल की बीमारियों के उपचार में एक आम और सुरक्षित प्रक्रिया मानी जाती है। सर्जरी के बाद खरगे की हालत स्थिर बताई गई है और उन्हें डॉक्टर्स की निगरानी में रखा गया है।

पेसमेकर क्या है?

पेसमेकर एक छोटा इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस होता है, जिसे छाती के अंदर लगाया जाता है। यह उपकरण दिल की धड़कन को नियंत्रित करने का काम करता है। अक्सर जब दिल की धड़कन असामान्य हो—बहुत धीमी (ब्रैडीकार्डिया) या अनियमित—तो पेसमेकर इस समस्या को सुधारने में मदद करता है।

पेसमेकर का काम

पेसमेकर विद्युत आवेग (electrical impulses) भेजकर दिल की धड़कनों की नियमित लय बनाए रखता है। इसका काम मुख्य रूप से दो चीज़ों पर निर्भर करता है:

  1. दिल की धड़कन को तेज़ करना: अगर दिल बहुत धीरे धड़क रहा हो।

  2. धड़कनों को नियमित करना: अगर दिल की धड़कन अनियमित हो रही हो।

इस तरह, पेसमेकर हृदय की सामान्य कार्यप्रणाली को बनाए रखता है और मरीज को थकान, चक्कर या दिल की गंभीर समस्याओं से बचाता है।

सर्जरी प्रक्रिया

पेसमेकर सर्जरी आमतौर पर स्थानीय एनेस्थीसिया में की जाती है और इसमें छाती के ऊपरी हिस्से में एक छोटा चीरा लगाया जाता है। उपकरण को छाती में इम्प्लांट किया जाता है और वायर के जरिए दिल से जोड़ा जाता है। सर्जरी के बाद डॉक्टर मरीज को कुछ घंटों या दिनों तक निगरानी में रखते हैं।

रखरखाव और जीवनशैली

पेसमेकर लगने के बाद भी मरीज सामान्य जीवन जी सकते हैं। कुछ सावधानियां जरूरी होती हैं:

  • मजबूत मैग्नेट या इलेक्ट्रॉनिक उपकरण के पास न जाएँ।

  • भारी शारीरिक दबाव या चोट से बचें।

  • नियमित चेकअप और बैटरी स्तर की निगरानी करते रहें।

निष्कर्ष

मल्लिकार्जुन खरगे की पेसमेकर सर्जरी उनके दिल की धड़कन को नियंत्रित करने और स्वास्थ्य को सुरक्षित रखने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। पेसमेकर न केवल गंभीर हृदय समस्याओं में राहत देता है बल्कि मरीज को सामान्य जीवन की गुणवत्ता बनाए रखने में भी मदद करता है।

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