सितंबर 2025 का सर्वे रिपोर्ट
भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने सितंबर 2025 का उपभोक्ता महंगाई संबंधी सर्वे जारी किया है। इस सर्वे से पता चलता है कि आम जनता की महंगाई को लेकर चिंता पहले की तुलना में कम हुई है। सर्वे के मुताबिक, वर्तमान महंगाई की धारणा मामूली बढ़कर 7.4% रही, लेकिन आने वाले महीनों और एक साल आगे की उम्मीदें घट गई हैं।
आने वाले महीनों में राहत की उम्मीद
रिजर्व बैंक के सर्वे के अनुसार, अगले तीन महीनों के लिए महंगाई की उम्मीदें 8.1% पर आ गई हैं, जबकि एक साल आगे की उम्मीदें घटकर 8.7% दर्ज की गई हैं। यह संकेत देता है कि उपभोक्ता अब भविष्य को लेकर पहले की तुलना में अधिक आशावादी हैं और महंगाई के दबाव के कम होने की संभावना देख रहे हैं।
खाद्य और आवास क्षेत्र में सुधार
सर्वे में सबसे अहम पहलू यह सामने आया है कि खाद्य वस्तुओं, आवास और सेवाओं की कीमतों में लोगों ने कुछ हद तक राहत महसूस की है। लगातार बढ़ती खाद्य कीमतें महंगाई का मुख्य कारण रही हैं, लेकिन हाल के महीनों में सब्जियों और अनाज की आपूर्ति सुधरने से उपभोक्ताओं का दबाव घटा है। वहीं, रियल एस्टेट और किराए की दरों में भी स्थिरता दिखने लगी है।
उपभोक्ता भावनाओं में सुधार
आरबीआई सर्वे यह भी दर्शाता है कि उपभोक्ता भावनाओं (consumer sentiments) में सुधार हुआ है। लोग अब अपनी आय और खर्च करने की क्षमता को लेकर अधिक आत्मविश्वास महसूस कर रहे हैं। इसका सीधा असर बाजार की मांग और आर्थिक गतिविधियों पर पड़ सकता है।
मौद्रिक नीति पर असर
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि महंगाई की उम्मीदें इसी तरह स्थिर रहीं, तो भारतीय रिजर्व बैंक को अपनी मौद्रिक नीति (Monetary Policy) को ज्यादा सख्त बनाए रखने की आवश्यकता नहीं होगी। ब्याज दरों में स्थिरता से निवेश और उपभोग दोनों को प्रोत्साहन मिल सकता है।
निष्कर्ष
कुल मिलाकर, आरबीआई का सितंबर 2025 का सर्वे इस बात का संकेत है कि भारतीय अर्थव्यवस्था धीरे-धीरे महंगाई के दबाव से उबर रही है। आने वाले महीनों में आम जनता को खाद्य, आवास और सेवाओं के मोर्चे पर राहत मिलने की उम्मीद है। यह प्रवृत्ति बनी रही तो उपभोक्ताओं की जेब पर बोझ घटेगा और अर्थव्यवस्था की गति और मजबूत हो सकती है।
.jpg)
0 टिप्पणियाँ