ट्रंप के पूर्व सलाहकार का बड़ा बयान
अमेरिका के पूर्व राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार जॉन बोल्टन ने कहा है कि मौजूदा हालात और व्हाइट हाउस की नीतियां भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को रूस और चीन के करीब ले जा रही हैं। बोल्टन का यह बयान मौजूदा टैरिफ वॉर और बदलती भू-राजनीतिक परिस्थितियों के संदर्भ में आया है।
अमेरिका की नीतियों पर सवाल
बोल्टन के मुताबिक, अमेरिकी प्रशासन की मौजूदा रणनीतियां एशिया में संतुलन बनाने में नाकाम साबित हो रही हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि ट्रेड और टैरिफ नीतियां भारत जैसे देशों को मजबूर कर रही हैं कि वे वैकल्पिक साझेदारों की ओर देखें।
भारत-रूस संबंधों की अहमियत
भारत और रूस लंबे समय से रक्षा और ऊर्जा के क्षेत्र में करीबी साझेदार रहे हैं। मौजूदा तनाव के बीच भारत रूस से अपने ऊर्जा आयात और हथियार सौदों को और मजबूत कर रहा है। बोल्टन का मानना है कि यह कदम अमेरिका के लिए रणनीतिक चुनौती हो सकता है।
चीन के साथ भारत का समीकरण
हालांकि भारत और चीन के बीच कई विवाद हैं, लेकिन वैश्विक व्यापार और बहुपक्षीय मंचों (जैसे SCO और BRICS) पर दोनों देशों की साझी रणनीति अमेरिका के लिए चिंता का कारण बन सकती है। बोल्टन ने चेतावनी दी कि यह समीकरण आने वाले समय में वॉशिंगटन की कूटनीति को मुश्किल बना सकता है।
व्हाइट हाउस पर सीधा निशाना
बोल्टन ने कहा कि व्हाइट हाउस की मौजूदा टीम ने इंडो-पैसिफिक रणनीति को पर्याप्त मजबूती से लागू नहीं किया। इसके चलते भारत जैसे प्रमुख लोकतंत्र अब रूस और चीन के करीब जाते दिख रहे हैं।
निचोड़
जॉन बोल्टन का बयान अमेरिका, भारत और एशिया की बदलती कूटनीतिक तस्वीर को उजागर करता है। टैरिफ वॉर और व्यापारिक दबाव के बीच यह स्पष्ट है कि भारत अपने राष्ट्रीय हितों को प्राथमिकता देते हुए बहु-आयामी संबंधों को मजबूत कर रहा है।
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