SCO Summit 2025: मोदी-पुतिन-जिनपिंग की मुलाकात पर अमेरिका में सियासी हलचल, कैलिफोर्निया गवर्नर का ट्रंप पर तंज

SCO समिट में मोदी की अहम मौजूदगी

हाल ही में हुए शंघाई सहयोग संगठन (SCO) समिट 2025 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कई वैश्विक नेताओं से मुलाकात की। समिट के दौरान उनकी रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ खास बैठक हुई। इस बातचीत की तस्वीरें और वीडियो अंतरराष्ट्रीय मीडिया में तेजी से वायरल हुए। तीनों नेताओं का एक साथ मंच साझा करना न केवल एशिया बल्कि वैश्विक राजनीति में भी चर्चा का विषय बन गया।

अमेरिका में बढ़ी हलचल

मोदी-पुतिन-जिनपिंग की मुलाकात का असर अमेरिका की राजनीति तक देखने को मिला। खासतौर पर ऐसे समय में जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अपने फैसलों को लेकर आलोचना का सामना कर रहे हैं। अमेरिका और भारत के बीच टैरिफ विवाद के चलते रिश्तों में खटास दिख रही है। ट्रंप ने हाल ही में भारत पर 25 प्रतिशत अतिरिक्त टैरिफ लगाया, जिसकी आलोचना देश और विदेश दोनों जगह हो रही है।

ट्रंप के खिलाफ विरोध और नेशनल गार्ड की तैनाती

ट्रंप केवल विदेश नीति ही नहीं, बल्कि घरेलू मोर्चे पर भी दबाव में हैं। हाल ही में उन्होंने अवैध अप्रवासियों और कानून व्यवस्था के नाम पर कैलिफोर्निया, शिकागो और वॉशिंगटन डीसी जैसे शहरों में हथियारों से लैस नेशनल गार्ड तैनात किए हैं। इस फैसले को लेकर कई राज्यों में प्रदर्शन हुए और ट्रंप पर लोकतांत्रिक मूल्यों को कमजोर करने का आरोप लगा।

गवर्नर गेविन न्यूसम का ट्रंप पर तंज

कैलिफोर्निया के गवर्नर गेविन न्यूसम ने इस मौके पर ट्रंप को घेरने का मौका नहीं छोड़ा। उन्होंने SCO समिट से जुड़ा एक वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर शेयर किया। इस वीडियो में प्रधानमंत्री मोदी पुतिन और जिनपिंग के साथ बातचीत करते नजर आ रहे थे। गवर्नर ने वीडियो के साथ कैप्शन लिखा—
“डरने की जरूरत नहीं है, ट्रंप शिकागो में नेशनल गार्ड भेज रहे हैं।”
उनका यह बयान सीधे तौर पर ट्रंप की नीतियों और उनके फैसलों पर कटाक्ष माना गया।

ट्रंप की मुश्किलें बढ़ीं

ट्रंप के फैसलों पर न सिर्फ विपक्ष बल्कि आम नागरिक भी सवाल उठा रहे हैं। टैरिफ विवाद, अप्रवासी नीति और नेशनल गार्ड की तैनाती ने उन्हें राजनीतिक तौर पर घेर लिया है। वहीं, दूसरी ओर मोदी-पुतिन-जिनपिंग की मुलाकात का संदेश यह था कि एशियाई शक्तियां आपसी सहयोग के जरिए वैश्विक राजनीति में संतुलन बनाने की कोशिश कर रही हैं।

निष्कर्ष

SCO समिट में मोदी, पुतिन और जिनपिंग की मुलाकात ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बड़ा संदेश दिया है। वहीं अमेरिका में इसे ट्रंप के खिलाफ एक तरह से चेतावनी के रूप में देखा जा रहा है। गवर्नर गेविन न्यूसम की टिप्पणी ने अमेरिकी राजनीति में नया विवाद खड़ा कर दिया है, जिससे साफ है कि ट्रंप के लिए आने वाले दिन और कठिन हो सकते हैं।

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