पहलगाम हमले की निंदा
शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) के सदस्य देशों ने तियानजिन घोषणा में जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में 22 अप्रैल को हुए आतंकी हमले की कड़ी निंदा की। घोषणापत्र में कहा गया कि इस हमले के दोषियों, योजनाकारों और समर्थकों को सख्त सजा मिलनी चाहिए।
आतंकवाद पर साझा रुख
घोषणापत्र में आतंकवाद, अलगाववाद और उग्रवाद के खिलाफ मिलकर लड़ने की प्रतिबद्धता दोहराई गई। सदस्य देशों ने साफ कहा कि आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में किसी तरह का “दोहरा मापदंड” स्वीकार नहीं होगा। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से विशेषकर सीमापार आतंकवाद के खिलाफ एकजुट होकर कदम उठाने का आह्वान किया।
क्षेत्रीय और वैश्विक संदर्भ
एससीओ ने पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत में हुए हमलों और इस्राइल-गाजा संघर्ष में आम नागरिकों की मौत की भी निंदा की। साथ ही, संयुक्त राष्ट्र की आतंकवाद विरोधी रणनीति को पूरी तरह लागू करने पर जोर दिया गया।
भारत की भूमिका और सहयोग
घोषणापत्र में भारत की पहलों का उल्लेख करते हुए “एक पृथ्वी, एक परिवार, एक भविष्य” के संदेश को दोहराया गया। नई दिल्ली में आयोजित 5वें स्टार्टअप मंच और 20वें थिंक टैंक मंच की सराहना की गई। सदस्य देशों ने भारतीय परिषद (आईसीडब्ल्यूए) के तहत कार्यरत एससीओ अध्ययन केंद्र की भूमिका को भी सराहा।
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