Free Ration: हर साल कितने लोगों को मिल रहा मुफ्त अनाज? कोविड काल से तुलना


योजना की शुरुआत

प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना (PMGKAY) के तहत केंद्र सरकार करोड़ों गरीब परिवारों को हर महीने मुफ्त राशन उपलब्ध करा रही है। इसकी जड़ें 2013 में लागू हुए राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (NFSA) से जुड़ी हैं। उस समय गेहूं और चावल क्रमशः 2 और 3 रुपये प्रति किलो तय किए गए थे। लेकिन 2023 से मोदी सरकार ने इन्हें पूरी तरह मुफ्त कर दिया।

कोविड काल में मदद

2020 में कोरोना महामारी और लॉकडाउन के दौरान बड़ी संख्या में लोग बेरोजगार हो गए। उस समय PMGKAY के तहत NFSA राशन के अतिरिक्त 5 किलो अनाज मुफ्त दिया जाने लगा। इससे लगभग 80 करोड़ लोग लाभान्वित हुए। यह राहत भारत की सबसे बड़ी फूड सिक्योरिटी पहल बन गई।

वर्तमान स्थिति

सरकार ने यह योजना बंद न करके इसे आगे बढ़ाने का निर्णय लिया। 1 जनवरी 2024 से अप्रैल 2028 तक यह लागू रहेगी। वर्तमान में करीब 81 करोड़ लोग हर महीने मुफ्त अनाज पा रहे हैं। इसके लिए केंद्र ने लगभग 11.80 लाख करोड़ रुपये का बजट निर्धारित किया है।

कोविड से तुलना

कोविड काल में लाभार्थियों की संख्या लगभग 80 करोड़ थी, जबकि अब यह बढ़कर 81 करोड़ हो गई है। यानी लगभग 1 करोड़ की वृद्धि दर्ज हुई है। अंत्योदय अन्न योजना (AAY) परिवारों को हर महीने 35 किलो अनाज और प्राथमिकता परिवारों को प्रति सदस्य 5 किलो मुफ्त अनाज मिल रहा है।

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