DPDP Rules: 28 सितंबर को जारी होंगे डिजिटल पर्सनल डेटा प्रोटेक्शन एक्ट के नियम


 भारत सरकार अब डिजिटल डेटा सुरक्षा को लेकर बड़ा कदम उठाने जा रही है। केंद्रीय आईटी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने पुष्टि की है कि डिजिटल पर्सनल डेटा प्रोटेक्शन (DPDP) एक्ट से जुड़े नियम 28 सितंबर 2025 को जारी किए जाएंगे। इन नियमों के लागू होने के बाद देश में डिजिटल डेटा प्रबंधन और गोपनीयता को लेकर नया ढांचा तैयार होगा।

DPDP एक्ट क्या है?

डिजिटल पर्सनल डेटा प्रोटेक्शन (DPDP) एक्ट का उद्देश्य नागरिकों के व्यक्तिगत डिजिटल डेटा की सुरक्षा करना और कंपनियों पर डेटा प्रबंधन की जिम्मेदारी तय करना है। यह कानून सुनिश्चित करता है कि कोई भी संस्था या कंपनी बिना सहमति के यूजर्स का निजी डेटा इस्तेमाल नहीं कर सके।

नियमों के लागू होने से क्या बदलेगा?

नए नियमों के लागू होने के बाद कंपनियों को अपने यूजर्स से स्पष्ट अनुमति लेनी होगी, तभी वे डेटा इकट्ठा या उपयोग कर पाएंगी। साथ ही, नागरिकों को यह अधिकार मिलेगा कि वे अपने डेटा के इस्तेमाल की जानकारी मांग सकें और जरूरत पड़ने पर उसे हटाने का अनुरोध कर सकें।

एक्ट की खास बातें

  1. सहमति आधारित डेटा उपयोग – किसी भी तरह का डेटा इस्तेमाल करने से पहले यूजर की स्पष्ट अनुमति जरूरी होगी।

  2. डेटा प्रोटेक्शन बोर्ड – नियमों के उल्लंघन पर नजर रखने और सजा तय करने के लिए बोर्ड का गठन किया जाएगा।

  3. जुर्माना और पेनाल्टी – कानून तोड़ने वाली कंपनियों पर भारी जुर्माना लगाया जाएगा, जिसकी रकम करोड़ों में हो सकती है।

  4. बच्चों का डेटा – 18 साल से कम उम्र के बच्चों का डेटा विशेष सुरक्षा प्रावधानों के अंतर्गत आएगा।

  5. डेटा लोकलाइजेशन – संवेदनशील डेटा को भारत में ही स्टोर करने पर जोर दिया जाएगा।

क्यों है यह कानून जरूरी?

डिजिटल युग में नागरिकों का अधिकतर डेटा ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स और कंपनियों के पास रहता है। आए दिन डेटा लीक और प्राइवेसी उल्लंघन की खबरें सामने आती हैं। ऐसे में DPDP एक्ट नागरिकों को अपने डेटा पर नियंत्रण देगा और कंपनियों को ज्यादा जिम्मेदार बनाएगा।

आगे की राह

सरकार का कहना है कि यह कानून नागरिकों के डिजिटल अधिकारों को मजबूत करेगा और भारत को ग्लोबल डेटा प्रोटेक्शन मानकों की बराबरी पर खड़ा करेगा। कंपनियों के लिए यह चुनौती जरूर होगी, लेकिन लंबे समय में यह डिजिटल इकोसिस्टम को भरोसेमंद बनाएगा।

 कुल मिलाकर, 28 सितंबर को DPDP एक्ट के नियम लागू होने के साथ ही भारत में डिजिटल डेटा सुरक्षा का नया अध्याय शुरू होगा।

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