CBI का बड़ा एक्शन: अनिल अंबानी और राणा कपूर पर शिकंजा, फर्जी लेन-देन के दो मामलों में दाखिल हुआ आरोपपत्र


 

दो कंपनियों और संदिग्ध लेन-देन पर कार्रवाई

अनिल अंबानी के नेतृत्व वाले एडीए ग्रुप और यस बैंक के संस्थापक राणा कपूर की मुश्किलें और बढ़ गई हैं। केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने अदालत में दो मामलों में आरोपपत्र दाखिल किया है। ये मामले रिलायंस कमर्शियल फाइनेंस लिमिटेड (RCFL) और रिलायंस होम फाइनेंस लिमिटेड (RHFL) के बीच कथित फर्जी लेन-देन से जुड़े हैं।

हजारों करोड़ का निवेश और हेराफेरी

सीबीआई की जांच के मुताबिक, यस बैंक ने राणा कपूर की मंजूरी से एडीए ग्रुप की उन कंपनियों में निवेश किया जो पहले से कमजोर वित्तीय स्थिति में थीं। इन निवेशों की रकम हजारों करोड़ में बताई जा रही है। एजेंसी का दावा है कि इस रकम को बाद में कई स्तरों पर हेराफेरी करके इधर-उधर घुमाया गया और इसका इस्तेमाल वास्तविक कारोबारी गतिविधियों में नहीं हुआ।

परिवार की कंपनियां भी जांच के घेरे में

सीबीआई के आरोपपत्र में सिर्फ राणा कपूर ही नहीं, बल्कि उनके परिवार से जुड़ी कंपनियों का भी नाम सामने आया है। जांच एजेंसी का कहना है कि इन कंपनियों के जरिए कथित मनी लॉन्ड्रिंग और फर्जी लेन-देन को अंजाम दिया गया।

पहले भी घिर चुके हैं राणा कपूर

गौरतलब है कि यस बैंक संकट के समय राणा कपूर पहले से ही कई वित्तीय अनियमितताओं के आरोपों का सामना कर रहे हैं। उन पर बैंक की साख को नुकसान पहुंचाने और बड़े पैमाने पर संदिग्ध लोन मंजूर करने का आरोप है। इस बीच सीबीआई का नया आरोपपत्र उनकी कानूनी मुश्किलों को और बढ़ा सकता है।

अनिल अंबानी ग्रुप पर बढ़ा दबाव

अनिल अंबानी की कंपनियां भी पिछले कुछ सालों से आर्थिक संकट में फंसी हुई हैं। खासकर आरएचएफएल और आरसीएफएल को लेकर पहले से ही जांच एजेंसियों की नजर थी। अब सीबीआई की इस कार्रवाई से एडीए ग्रुप के लिए मुश्किलें और गहरी हो गई हैं।

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