करवा चौथ का व्रत सुहागिन महिलाओं के लिए एक बेहद पावन और श्रद्धा से भरा पर्व होता है। इस दिन महिलाएं अपने पति की लंबी उम्र और सुख-समृद्धि के लिए निर्जला व्रत रखती हैं बिना पानी के, बिना अन्न के।
2025 में करवाचौथ की तारीख: चंद्रोदय चाँद निकलने का समय लगभग 8:10 PM (स्थान के अनुसार थोड़ा अंतर हो सकता है)
1. व्रत की तैयारी एक दिन पहले
साड़ी, पूजा की थाली, छलनी, करवा (मिट्टी का या पीतल का), मिठाई, दीया, और सोलह श्रृंगार की चीज़ें तैयार रखें।
सुहाग का सामान जैसे चूड़ियाँ, सिंदूर, बिंदी आदि पहले से रखें।
2. सरगी सुबह सूर्योदय से पहले
सास द्वारा दी गई सरगी को सूर्योदय से पहले खाएं। इसमें फल, मिठाई, सेवइयां, मेवा, और हल्का खाना होता है।
इसके बाद पूरे दिन निर्जला उपवास रखें न पानी, न खाना।
3. दिनभर व्रत की भावना रखें
भगवान शिव, पार्वती, गणेश और कार्तिकेय जी की पूजा करें।
करवा चौथ की कथा सुनना या पढ़ना अनिवार्य होता है।
साज-श्रृंगार करें और पूजा की थाली सजाएं।
4. चाँद निकलने पर पूजा
चाँद निकलने पर छलनी से चाँद और फिर पति को देखें।
पति के हाथों से पानी पीकर और भोजन करके व्रत खोलें।
खास बातें ध्यान में रखें:
व्रत करते समय मन में श्रद्धा और शांति रखें।
अगर स्वास्थ्य संबंधित परेशानी हो, तो डॉक्टर से सलाह लेकर व्रत करें।
व्रत के दौरान सकारात्मकता और भक्ति का भाव बनाए रखें।
करवाचौथ सिर्फ एक व्रत नहीं, एक प्रेम और समर्पण का प्रतीक है। आप सभी सुहागन महिलाओं को इस पावन पर्व की हार्दिक शुभकामनाएँ।
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