पितृपक्ष का समय चल रहा है और बात जब पिंडदान की हो, तो सबसे पहले नाम आता है गया जी का, लेकिन क्या आप जानते हैं कि सिर्फ गया ही नहीं, भारत में कुछ और भी ऐसे पवित्र स्थल हैं, जहां पिंडदान करने से पितरों को मोक्ष की प्राप्ति होती है। गया तो है ही पिंडदान का सबसे प्रमुख स्थल, लेकिन इसके अलावा भी सात ऐसे तीर्थ हैं, जिन्हें ‘सप्त पिंडदान स्थल’ कहा जाता है। आइए जानते है
1. प्रयागराज (उत्तर प्रदेश)
जहां गंगा, यमुना और सरस्वती का संगम होता है, वहां किया गया पिंडदान विशेष फलदायी माना गया है।
2. वाराणसी (काशी)
मोक्ष नगरी काशी में पिंडदान से आत्मा को शिव सान्निध्य में स्थान मिलता है।
3. हरिद्वार (उत्तराखंड)
हर की पौड़ी पर पिंडदान से पितरों को स्वर्गलोक की प्राप्ति होती है।
4. पुष्कर (राजस्थान)
यहां ब्रह्मा जी का एकमात्र मंदिर है, और पिंडदान से आत्मा को दिव्य गति मिलती है।
5. सिद्धपुर (गुजरात)
यहां विशेष रूप से *मातृ पिंडदान* किया जाता है, जो दुर्लभ माना गया है।
6. जगन्नाथ पुरी (ओडिशा)
पुरी में भगवान जगन्नाथ के चरणों में पिंडदान से मुक्ति निश्चित मानी जाती है।
7. गया (बिहार)
और अंत में गया, जहां विष्णुपद मंदिर और फल्गु नदी के तट पर पिंडदान का विशेष महत्व है। तो इस पितृपक्ष, सिर्फ परंपरा के तौर पर नहीं श्रद्धा और समझ के साथ करें पिंडदान और दिलाएं पितरों को मोक्ष।
क्योंकि जब पितर प्रसन्न होते हैं, तब जीवन में शुभता स्वयं आ जाती है।
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