नई दिल्ली में भव्य आगाज़
भारत के सबसे बड़े सेमीकंडक्टर और इलेक्ट्रॉनिक्स शो सेमीकॉन इंडिया 2025 का आयोजन 2 से 4 सितंबर तक नई दिल्ली के यशोभूमि में किया जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसका उद्घाटन किया। यह सम्मेलन चौथा संस्करण है और अब तक का सबसे बड़ा आयोजन माना जा रहा है। पीएम मोदी 3 सितंबर को सीईओ राउंडटेबल में भी शामिल होंगे, जिसमें वैश्विक उद्योग जगत के दिग्गज हिस्सा लेंगे।
भारतीय अर्थव्यवस्था पर भरोसा
अपने संबोधन में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच भी भारत ने अप्रैल-जून तिमाही में 7.8 प्रतिशत की दर से वृद्धि हासिल की है। उन्होंने इसे उम्मीदों से बेहतर प्रदर्शन बताया। पीएम मोदी ने कहा, “दुनिया भारत पर भरोसा करती है, भारत में विश्वास करती है और भारत के साथ सेमीकंडक्टर का भविष्य बनाने के लिए तैयार है।”
तेल से चिप्स तक का सफर
पीएम मोदी ने तकनीक की बदलती अहमियत पर प्रकाश डालते हुए कहा, “तेल काला सोना था, लेकिन अब चिप्स (सेमीकंडक्टर) हीरे हैं।” उन्होंने बताया कि जिस तरह पिछली सदी का भाग्य तेल के कुओं से तय होता था, आज उसी तरह डिजिटल चिप्स आधुनिक दुनिया की रीढ़ बन चुके हैं।
वैश्विक भागीदारी और उद्देश्य
इस बार के आयोजन में 48 देशों की 350 से अधिक कंपनियां और रिकॉर्ड संख्या में वैश्विक प्रतिनिधि भाग ले रहे हैं। सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य भारत को सेमीकंडक्टर महाशक्ति बनाना और एक मजबूत, लचीले व टिकाऊ पारिस्थितिकी तंत्र का निर्माण करना है। सेमीकंडक्टर आधुनिक तकनीक का हृदय हैं और स्वास्थ्य, संचार, परिवहन, रक्षा तथा अंतरिक्ष जैसे क्षेत्रों के लिए अहम भूमिका निभाते हैं।
सम्मेलन में प्रमुख फोकस
तीन दिन चलने वाला यह सम्मेलन कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर केंद्रित होगा, जिनमें शामिल हैं:
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सेमीकंडक्टर फैब और एडवांस पैकेजिंग
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स्मार्ट मैन्युफैक्चरिंग
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आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और रिसर्च एंड डेवलपमेंट
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डिजाइन लिंक्ड इंसेंटिव (DLI) योजना
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स्टार्टअप इकोसिस्टम और अंतरराष्ट्रीय सहयोग
इसके साथ ही 150 से अधिक वक्ता और 50 से ज्यादा वैश्विक नेता अपने विचार साझा करेंगे। छह देशों की राउंडटेबल चर्चाएं, स्टार्टअप और वर्कफोर्स डेवलपमेंट के लिए विशेष पवेलियन भी इस आयोजन का हिस्सा होंगे।
चार साल में बदलती तस्वीर
प्रधानमंत्री कार्यालय ने बताया कि 2021 में इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन (ISM) शुरू होने के बाद महज चार साल में भारत ने अपने विजन को वास्तविकता में बदल दिया है। इस क्षेत्र को गति देने के लिए सरकार ने 76,000 करोड़ रुपये की प्रोडक्शन लिंक्ड इंसेंटिव (PLI) योजना लागू की है, जिससे वैश्विक निवेश और घरेलू नवाचार दोनों को मजबूती मिल रही है।
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