Slip Disc: लक्षण, कारण और बचाव


 

क्या है स्लिप डिस्क?

स्लिप डिस्क जिसे चिकित्सा भाषा में हर्निएटेड डिस्क कहा जाता है, तब होती है जब रीढ़ की हड्डियों के बीच मौजूद कुशननुमा डिस्क अपनी जगह से खिसक जाती है। यह नरम जेली जैसी डिस्क नसों पर दबाव डालती है, जिससे तेज दर्द, सुन्नता और कमजोरी महसूस होती है।

मुख्य कारण

स्लिप डिस्क का सबसे बड़ा कारण गलत तरीके से बैठना या झुकना है। इसके अलावा भारी सामान उठाना, उम्र बढ़ना, मोटापा, व्यायाम की कमी और अचानक लगी चोट भी वजह बन सकती है।

लक्षण कैसे पहचानें?

  • कमर से लेकर पैरों तक लगातार तेज दर्द (सायटिका)

  • सुन्नपन या झनझनाहट

  • मांसपेशियों में कमजोरी

  • बैठने, खड़े होने और चलने में कठिनाई
    अगर ये लक्षण लंबे समय तक बने रहें तो डॉक्टर से तुरंत सलाह लेनी चाहिए।

किसे ज्यादा खतरा?

आईटी प्रोफेशनल्स, ड्राइवर, ऑफिस कर्मचारी, मजदूर और एथलीट्स में स्लिप डिस्क की संभावना अधिक होती है।

बचाव और उपचार

सही मुद्रा में बैठें, हर 30-40 मिनट में उठकर टहलें और भारी सामान उठाते समय घुटनों पर दबाव डालें। नियमित व्यायाम, योग और स्ट्रेचिंग रीढ़ को मजबूत बनाते हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, दवाइयों और फिजियोथेरेपी से काफी राहत मिलती है। साथ ही, फाइबर युक्त भोजन कब्ज को रोककर इस परेशानी को कम करता है।

एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ