बैंक ऑफ बड़ौदा की रिपोर्ट
बैंक ऑफ बड़ौदा (BoB) ने अपनी नवीनतम रिपोर्ट में अनुमान जताया है कि वित्त वर्ष 2026 में भारत की अर्थव्यवस्था 6.5% की दर से बढ़ेगी। यह अनुमान भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के पूर्वानुमान के अनुरूप है। रिपोर्ट के अनुसार, मजबूत घरेलू मांग, उत्पादन और निवेश इस वृद्धि के प्रमुख कारण हैं। हालांकि, टैरिफ से जुड़ी चिंताओं को संभावित जोखिम बताया गया है।
पहली तिमाही का प्रदर्शन
वित्त वर्ष 2026 की पहली तिमाही में भारत का सकल घरेलू उत्पाद (GDP) 7.8% बढ़ा, जो पिछले वर्ष की समान अवधि के 6.5% से अधिक है। नाममात्र जीडीपी में भी 8.8% की वृद्धि दर्ज की गई। मंत्रालय के अनुसार, विनिर्माण, कृषि, निर्माण और सेवा क्षेत्र इस वृद्धि के प्रमुख योगदानकर्ता रहे।
उपभोग और निवेश में सुधार
त्योहारी सीजन में उपभोग और शहरी खर्च में तेजी से विकास को और बल मिलने की उम्मीद है। रिपोर्ट ने संकेत दिया है कि आरबीआई की संभावित ब्याज दर कटौती और सरकार की ओर से राजकोषीय समर्थन भी आर्थिक गतिविधियों को सकारात्मक दिशा में प्रभावित कर सकते हैं।
पूंजीगत व्यय और निवेश
सरकारी पूंजीगत व्यय ने सकल स्थायी पूंजी निर्माण (GFCF) की वृद्धि को बनाए रखा है। निजी निवेश की धारणा में भी सुधार हुआ है और पहली तिमाही में नए निवेश की घोषणाएं साल-दर-साल 3.3 गुना बढ़ी हैं।
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