शपथ और संख्या पूरी
भारत के मुख्य न्यायाधीश बी.आर. गवई ने बॉम्बे हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश आलोक अराधे और पटना हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश विपुल मनुभाई पंचोली को शपथ दिलाई। उनकी नियुक्ति के साथ सर्वोच्च न्यायालय में कुल 34 न्यायाधीशों की पूर्ण क्षमता पूरी हो गई है।
कॉलेजियम की सिफारिश और असहमति
25 अगस्त को कॉलेजियम ने दोनों नाम केंद्र को भेजे थे। हालांकि, न्यायमूर्ति बी.वी. नागरत्ना ने न्यायमूर्ति पंचोली की नियुक्ति पर कड़ी आपत्ति दर्ज की और कहा कि इससे कॉलेजियम प्रणाली की विश्वसनीयता को नुकसान हो सकता है।
न्यायमूर्ति आलोक अराधे का कार्यकाल
13 अप्रैल 1964 को जन्मे जस्टिस अराधे ने 1988 में वकालत शुरू की। वे मध्य प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, कर्नाटक, तेलंगाना और बॉम्बे हाईकोर्ट में सेवाएं दे चुके हैं। उन्हें 2023 में बॉम्बे हाईकोर्ट का मुख्य न्यायाधीश बनाया गया था।
न्यायमूर्ति विपुल पंचोली का सफर
28 मई 1968 को जन्मे जस्टिस पंचोली ने 1991 में बार में प्रवेश किया। वे गुजरात हाईकोर्ट में सरकारी वकील और अतिरिक्त लोक अभियोजक रहे। 2014 में उन्हें अतिरिक्त न्यायाधीश और 2016 में स्थायी न्यायाधीश बनाया गया। 2023 में वे पटना हाईकोर्ट स्थानांतरित हुए और जुलाई 2025 में मुख्य न्यायाधीश बने।
भावी मुख्य न्यायाधीश
जस्टिस पंचोली अक्टूबर 2031 में मुख्य न्यायाधीश बनने की कतार में होंगे और 2033 तक इस पद पर रहेंगे।
0 टिप्पणियाँ