ट्रंप के टैरिफ अवैध घोषित
अमेरिका की संघीय अपीलीय अदालत ने पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा लगाए गए टैरिफ को अवैध करार दिया है। अदालत ने निचली अदालत के निर्णय को सही ठहराते हुए कहा कि राष्ट्रपति ने अपनी शक्तियों का दुरुपयोग किया। कोर्ट का मानना है कि इस तरह के व्यापक आयात शुल्क राष्ट्रपति की संवैधानिक शक्तियों के दायरे से बाहर हैं।
वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए राहत
ट्रंप प्रशासन ने अपने व्यापार साझेदारों पर कम से कम 10% टैरिफ लगाया था, जबकि भारत और ब्राजील जैसे देशों पर यह दर 50% तक पहुंच गई थी। अदालत के फैसले के बाद इन टैरिफ पर रोक लगने से वैश्विक स्तर पर व्यापारिक तनाव घट सकता है और अर्थव्यवस्थाओं को राहत मिलेगी।
भारत को संभावित लाभ
भारत पर लगे अमेरिकी आयात शुल्क ने निर्यात लागत को बढ़ाया और कई उद्योगों पर दबाव डाला। अदालत का यह फैसला भारत के लिए राहत भरा हो सकता है, क्योंकि इससे भारतीय निर्यातकों की प्रतिस्पर्धा क्षमता में सुधार आएगा और व्यापारिक अवसर बढ़ेंगे।
आगे क्या?
विशेषज्ञों का मानना है कि यह मामला अब अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट तक जा सकता है। लेकिन फिलहाल, यह फैसला दुनिया की अर्थव्यवस्था और भारत जैसे देशों के लिए सकारात्मक संकेत देता है।
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