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सिंदूर एक कलमकार जिसे कोरोना ने नेचर फोटोग्राफर बना दिया

अनिल सिंदूर

News jungal desk : 65 की उम्र में फोटोग्राफी के पैशन को मूर्तरूप दे, बने नामीगिरामी नेचर फोटोग्राफ़र अनिल सिंदूर कहते हैं सपनों को यदि पूरा करना है तो उन सपनों को पूरा करना होगा जो जागते हुये देखे गये हों। कोरोना के दौरान यही सपने पूरा करने में जुट गया। कोरोना के दौरान उम्रदराज लोगों का घर से निकलना प्रतिबंधित था। लेकिन जिनकों बैठना गवारा न हो वो घर में कैसे बैठ सकते हैं। ऐसे में एक वरिष्ठ नागरिक ने जिनकी उम्र उस समय 62 वर्ष थी उन्होंने अलसुबह साइक्लिंग के समय अपने मोबाइल कैमरे से अपने पैशन को जिन्दा करने की ओर कदम बढ़ाया और आज वह बन गये हैं नामीगिरामी नेचर फोटोग्राफ़र। उनके कैमरे से निकाली गई सैकड़ों तस्वीरों की प्रदर्शनी कानपुर शहर में लगने के साथ ही दूसरे शहरों में आदि शहरों में भी लग चुकी हैं।


हम बात कर रहे हैं 36 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में काम कर रहे अनिल सिन्दूर की जिन्होंने कोरोना के दौरान सुबह साइकिलिंग के दौरान अपने मोबाइल से प्रकृति कि तस्वीरों को लेना शुरू किया। तस्वीरें इतनी जीवंत थीं कि उनके मित्रों ने उनसे कहा कि अपनी फोटोग्राफी को प्रदर्शनी में लोंगों को देखने के लिए रखें। जब मैंने उनसे अपने फोटोग्राफी पैशन को जिन्दा रखने और मूर्तरूप देने तक की कहानी के बारे में पूछा तो उन्होंने बताया कि मेरे दो मित्र पूर्व डीआईजी रतन कुमार श्रीवास्तव पूर्व तथा गणेश तिवारी अमर उजाला एसोशियेट वाईस प्रेसिडेंट ने मेरी तस्वीरों को देखा तो उन्होंने सलाह दी कि आप इन तस्वीरों को बड़ा करवाये और उनको फ्रेम करवा कर एकल प्रदर्शनी लगायें। फोटो प्रदर्शनी लगाना मेरे लिए थोड़ा मुश्किल था क्यों कि एकल प्रदर्शनी के लिए बहुत तैयारियां करनी होती हैं जो मेरे लिए मुश्किल था लेकिन दोनों ही मित्रों ने कहा सब हो जायेगा आप शुरू करें।

उन्होंने बताया कि तीन शहरों कानपुर, आगरा एवं गोरखपुर में प्रदर्शनी लग चुकी हैं लखनऊ , प्रयागराज तथा वाराणसी में प्रदर्शनी प्रस्तावित है।
उन्होंने बताया कि अपनी जीवंत तस्वीरों को कैनवास पर भी प्रिंट करवाया है जो अभिनव प्रयोग है। अंतर्राष्ट्रीय फोटोग्राफी प्रतियोगिता एवं कई भारत देश के राज्यों में चल रही फोटोग्राफी प्रतियोगिताओं में भाग ले चुके हैं। मैंने सोचा भी नहीं था कि मोबाईल से ली गई तस्वीरों को भी इतना सम्मान मिलेगा। उन्होंने कहा कि युवाओं को सन्देश देना चाहता हूँ कि कम संसाधन में भी अनूठे प्रयोग किये जा सकते हैं। अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर मोबाईल फोटोग्राफी को प्रतियोगिताओं में स्थान मिला है। टेक्नोलोजी के साथ ही आपका विजन होना बहुत महत्वपूर्ण है तभी आप जो तस्वीर लेना चाहते हैं अपने कैमरे से ले सकते हैं। सिंदूर के मित्र के के दुबे मुन्ना ने बताया कि अनिल सिंदूर प्रतिभाशाली व्यक्ति हैं। टैलेंट उनमें भरा है। जिंदादिल इंसान हैं।

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