वेब सीरीज: आइए जानें क्या है टब्बर का मतलब

क्या है टब्बर का मतलब:

न्यूज जगंल डेस्क: कानपुर वेब सीरीज टब्बर की कहानी बताने से पहले आपको टब्बर शब्द का मतलब बता देते हैं, टब्बर का मतलब परिवार है। अब जैसा सीरीज का नाम है, वैसी ही इसकी कहानी है। टब्बर एक परिवार की कहानी है। परिवार में पिता- मां और दो बेटे हैं। इस वेब सीरीज में आपको देखने को मिलेगा कि कैसे पिता ओमकार (पवन राज मल्होत्रा) एक घटना के बाद अपनी पत्नी सरगुन (सुप्रिया पाठक कपूर), बड़े बेटे हैप्पी (गगन अरोड़ा) और छोटे बेटे तेगी (साहिल मेहता) को बचाने में जुट जाता है।

क्या है कहानी:

टब्बर एक पंजाबी परिवार की कहानी है, जहां पिता ओमकार पुलिस की नौकरी से रिटायर्ड है और बेटा गगन पुलिस अधिकारी बनने के लिए दूसरे शहर जाकर तैयार कर रहा है। घर आने के दौरान रेलवे स्टेशन पर गगन का बैग महीप सोढ़ी (रचित बहल) से बदल जाता है। महीप के बैग में पीला (ड्रग्स) होता है और वो अपने बैग को वापस लेने गगन के घर आता है, जहां गलतफहमी और गुस्से में हैप्पी से गोली चल जाती है और महीप की मौत हो जाती है। ओमकार परिवार को बचाने के लिए शव को बेटे के साथ मिलकर छिपा देता है और पूरा परिवार इस बात को दबाने की कोशिश करता है। चूंकि महीप, शहर के बड़े नेता अजीत सोढ़ी (रणवीर शौरी) का छोटा भाई होता है, जिसकी वजह से ये केस सामने आ ही जाता है और जल्दी ही हाई प्रोफाइल बन जाता है। इसके बाद शो में काफी कुछ टर्न एंड ट्विस्ट देखने को मिलते हैं, जहां अजीत अपने भाई के हत्यारों को ढूढ़ने की कोशिश करता है तो वहीं ओमकार अपने परिवार को बचाने की। आखिर में अजीत को पता लग जाता है कि उसके भाई की मौत कैसे हुई। इसके बाद क्या होता है, ये देखने के लिए आपको सीरीज देखनी पड़ेगी। इस पारिवारिक थ्रिलर में थोड़ा सा लव एंगल, दोस्ती और राजनीति की बिसातें भी दिखाई गई हैं। इस सीरीज का अंतिम सीन आपको झकझोर के रख देगा और आपकी आंखों से आंसू छलक पड़ेंगे।

क्या कुछ है खास:

टब्बर अपने आप में काफी खास है क्योंकि काफी वक्त के बाद ओटीटी पर एक परिवार की ऐसी कहानी सामने आई है। इस सीरीज में आपको देखने को मिलेगा कि कैसे अपने परिवार के लिए कोई शख्स किस हद तक जा सकता है। टब्बर में कई छोटी छोटी बातें हैं, जो आपको इससे जोड़कर रखती हैं। टब्बर में एक ओर जहां लाइटनिंग का अच्छा इस्तेमाल है, तो वहीं इसका बैकग्राउंड स्कोर भी आपको कहानी के साथ जोड़कर रखता है।

कैसा है निर्देशन और एक्टिंग:

टब्बर का निर्देशन अजीतपाल सिंह ने किया है। छोटी छोटी कुछ चीजें को अगर नजरअंदाज कर दिया जाए तो कुल मिलाकर अजीतपाल सिंह ने अच्छा निर्देशन किया है। वहीं बात कलाकारों की करें तो पवन राज मल्होत्रा ने बहुत उम्दा एक्ट किया है, जिस तरह से उन्होंने अपने किरदार को पर्दे पर निभाया है, वो वाकई काबिल- ए- तारीफ है। वहीं सुप्रिया पाठक ने भी बढ़िया एक्टिंग की है। बात गगन अरोड़ा की करें तो अभी तक उन्होंने जैसे किरदार निभाए हैं, उनका ये किरदार उससे काफी अलग है और गगन ने साबित किया है कि वो लंबी रेस के घोड़े साबित हो सकते हैं। वहीं रणवीर शौरी एक बेहतरीन अभिनेता हैं और उन्होंने फिर से ये बात साबित की है। इसके साथ ही साहिल मेहता, परमवीर सिंह चीमा, नुपूर नागपाल और कंवलजीत सिंह सहित अन्य सितारों ने भी अपने किरदार के साथ न्याय किया है। 

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देखें या नहीं:

टब्बर, कुल 8 एपिसोड्स की वेब सीरीज है, जिसका हर एपिसोड करीब 35-40 मिनट का है। टब्बर में कुछ सीन्स को अधिक खींचा है, जिसके चलते आपको कुछ जगहों पर आपको ये खलेगा कि इसको थोड़ा छोटा रखा जा सकता है, हालांकि इसके बाद भी टब्बर को आप परिवार के साथ एन्जॉय कर सकते हैं।

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