मामूली बात पर तीन लोगों ने फांसी लगाकर दे दी जान

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न्यूज जगंल डेस्क: कानपुर तीन अलग-अलग जगह लोगों ने मामूली बात पर फांसी लगाकर जान दे दी। संबंधित थाने की पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। जांच में कुछ भी संदिग्ध नहीं निकला। पुलिस और परिजन आत्महत्या का कारण जानने के लिए जांच में जुटे हैं।


केस-1
गेम खेलने पर डांटा तो किशोर ने लगाई फांसी

कोहना के रानीगंज निवासी मथुरा पाल ने बताया कि उनका 14 साल का बेटा विनय बुधवार रात को मां रानी के मोबाइल पर गेम खेल रहा था। मां के बार-बार कहने के बाद भी वह खाना नहीं खा रहा था। कई बार कहने पर भी जब विनय ने मोबाइल नहीं छोड़ा तो मां ने उसे डांट दिया। इसके कुछ देर बाद ही विनय बिना कुछ खाए ही दूसरे कमरे में चला गया था। सुबह जब देर तक वह सोकर नहीं उठा तो मां रानी उसे जगाने के लिए गई। बेटे का शव फांसी के फंदे पर लटकते मिला। परिजनों ने बिना शव का पोस्टमार्टम कराए ही शव का अंतिम संस्कार कर दिया। कोहना थाना प्रभारी आदेश चंद्र ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है।
केस-2
15 साल छोटे युवक से किया प्रेम विवाह, फिर फांसी लगाकर दी जान

कानपुर देहात के मोहाना गांव में रहने वाले 20 साल के अनिल कुमार ने बताया कि वह राजस्थान अलवर की एक फैक्ट्री में काम करता था। यहां काम करने वाली 35 वर्षीय सत्यवती से उसके प्रेम संबंध हो गए थे। जबकि सत्यवती शादीशुदा थी और उसके तीन बच्चे भी थे। इसके बाद पति और बच्चों को छोड़कर वह जुलाई में अनिल के घर आ गई और दोनों ने शादी कर ली थी। एक सप्ताह पूर्व अनिल जरौली निवासी चचेरी मौसी सुधा के घर पत्नी के साथ आया था। गुरुवार सुबह काफी देर तक सत्यवती कमरे से बाहर नहीं आई। अनिल जब उसे जगाने गया तो कमरा भीतर से बंद था। खिड़की से झांक कर देखा तो सत्यवती का शव फंदे से लटक रहा था। बर्रा थाना प्रभारी अजय सेठ के मुताबिक शादी के बाद से लगातार पहला पति सत्यवती को धमका रहा था। इससे परेशान होकर उसने फांसी लगाकर जान दे दी।

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केस-3
बच्चे दरवाजा खटखटाते रहे, महिला ने फांसी लगाकर दी जान

नौबस्ता नाला रोड निवासी राजमिस्त्री राजू प्रजापति की आठ साल पहले 27 साल की शशि से शादी हुई थी। दंपति के बेटा विधान और बेटी आराध्या है। परिजनों ने बताया कि बुधवार रात को फोन पर बात करने के दौरान शशि का किसी से झगड़ा हुआ था। इसके बाद अचानक शशि ने अंदर से दरवाजा बंद करके फांसी लगा ली। इस दौरान कमरे के बाहर दोनों बच्चे चिल्लाते रहे, लेकिन उन्होंने दरवाजा नहीं खोला। शोर सुनकर मोहल्ले के लोग दौड़े और पुलिस के साथ ही पति को सूचना दी। मौके पर पहुंचे पति ने मोहल्ले के लोगों की मदद से दरवाजा तोड़ा तब तक शशि की सांसे थम चुकी थीं। नौबस्ता थाना प्रभारी सतीश कुमार सिंह ने बताया कि महिला ने ऐसा कदम क्यों उठाया परिजन इसका कारण नहीं बता सके। जांच के दौरान कोई सुसाइड नोट भी नहीं मिला है। आत्महत्या का कारण जानने के लिए जांच की जा रही है।

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