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यूपी में नही आएगा बिजली संकट ,जानें वजह

UP CM Yogi adityanath Rally in Kanpur and will give cheques to  beneficiaries of Government schemes

न्यूज जंगल डेस्क,कानपुरः देश में कोयले की आपूर्ति में अचानक कमी आने से हर राज्य में बिजली का संकट गहरा गया था। ऐसे में यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर यूपी में महंगी बिजली खरीदकर विद्युत आपूर्ति को पटरी पर लाया गया। जिससे कि त्यौहार के मौसम में यूपी के शहर के साथ ही गांव भी रोशन हो रहे हैं।

उत्तर प्रदेश में इन दिनों बिजली उत्पादन के संकट के दौर में औसतन 17 रुपये प्रति बिजली यूनिट में खरीदी जा रही है। जिससे कि गांव से लेकर शहर तक को अब तय शेड्यूल से ज्यादा बिजली आपूर्ति की जा रही है। इसी दौरान प्रदेश के ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा ने भी प्रदेश के सभी निवासियों से बिजली की फिजूलखर्ची न करने का भी आह्वान किया है।

देश भर में भले ही कोयले की किल्लत से सूबे के कई बिजली घरों का उत्पादन ठप है। इसके बाद भी प्रदेशवासियों को फिर से तय शेड्यूल के मुताबिक बिजली आपूर्ति का दावा किया जा रहा है। एनर्जी एक्सचेंज की महंगी बिजली के दम पर प्रदेश का हर गांव तथा शहर रोशन है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश के बाद पावर कारपोरेशन प्रबंधन रातभर बिजली देने के लिए एक्सचेंज से औसतन 17 रुपये यूनिट तक की बिजली खरीद रहा है। पावर कारपोरेशन के गंभीर वित्तीय संकट को देखते हुए ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा ने प्रदेशवासियों का आह्वान किया है कि वह इतनी महंगी बिजली की फिजूलखर्ची कतई न करें।

उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2022 में बिजली संकट मुद्दा न बनने पाए इसके लिए राज्य सरकार किसी भी कीमत पर प्रदेशवासियों को पहले से चले आ रहे शेड्यूल के मुताबिक बिजली आपूर्ति बनाए रखना चाहती है। पिछले सप्ताह कोयले की किल्लत से उत्पादन घटने पर गांव की बिजली आपूर्ति 18 के बजाय 12 घंटे ही रह गई। कस्बे और बुंदेलखंड में भी अतिरिक्त कटौती होने लगी। ऐसे में बिजली आपूर्ति व्यवस्था को फिर पटरी पर लाने के लिए मुख्यमंत्री ने खुद कमान संभाली। निर्देश दिए कि प्रदेशवासियों को शाम छह से सुबह सात बजे के साथ ही शेड्यूल के मुताबिक बिजली सुनिश्चित की जाए। चूंकि कोयला आपूर्ति की स्थिति अभी भी सामान्य नहीं हो सकी है, इसलिए कारपोरेशन प्रबंधन अब एनर्जी एक्सचेंज से महंगी बिजली खरीद रहा है। पिछले चार दिनों से औसतन 17 रुपये प्रति यूनिट की दर से लगभग 88 करोड़ रुपये से 80 मिलियन यूनिट बिजली खरीदी गई है। ऊर्जा मंत्री का कहना है कि सरकार निर्बाध बिजली आपूर्ति को लेकर गंभीर है।

उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2022 में बिजली संकट मुद्दा न बनने पाए इसके लिए राज्य सरकार किसी भी कीमत पर प्रदेशवासियों को पहले से चले आ रहे शेड्यूल के मुताबिक बिजली आपूर्ति बनाए रखना चाहती है। पिछले सप्ताह कोयले की किल्लत से उत्पादन घटने पर गांव की बिजली आपूर्ति 18 के बजाय 12 घंटे ही रह गई। कस्बे और बुंदेलखंड में भी अतिरिक्त कटौती होने लगी। ऐसे में बिजली आपूर्ति व्यवस्था को फिर पटरी पर लाने के लिए मुख्यमंत्री ने खुद कमान संभाली। निर्देश दिए कि प्रदेशवासियों को शाम छह से सुबह सात बजे के साथ ही शेड्यूल के मुताबिक बिजली सुनिश्चित की जाए। चूंकि कोयला आपूर्ति की स्थिति अभी भी सामान्य नहीं हो सकी है, इसलिए कारपोरेशन प्रबंधन अब एनर्जी एक्सचेंज से महंगी बिजली खरीद रहा है। पिछले चार दिनों से औसतन 17 रुपये प्रति यूनिट की दर से लगभग 88 करोड़ रुपये से 80 मिलियन यूनिट बिजली खरीदी गई है। ऊर्जा मंत्री का कहना है कि सरकार निर्बाध बिजली आपूर्ति को लेकर गंभीर है।

वर्तमान में गांव को 18 घंटे, तहसील को 21.30 घंटे व बुंदेलखंड को 20 घंटे बिजली आपूर्ति का शेड्यूल है। शहर और उद्योग बिजली कटौती से मुक्त हैं। एक्सचेंज से बिजली लेने के बाद 12 अक्टूबर को गांव को 20.16, तहसील को 22.43 तथा बुंदेलखंड को 21.25 घंटे बिजली आपूर्ति की गई। इसी तरह 10 और 11 अक्टूबर को भी शेड्यूल से ज्यादा बिजली दी गई। चूंकि रातभर बिजली देना ही है इसलिए बुधवार को आपूर्ति का नया शेड्यूल भी जारी किया गया।

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