Monday , February 26 2024
Breaking News
Home / अन्य / कोरोना की तीसरी लहर आने की कम है संभावना,देखें रिपोर्ट

कोरोना की तीसरी लहर आने की कम है संभावना,देखें रिपोर्ट

न्यूज जंगल डेस्क,कानपुरः कोरोना वायरस को लेकर एक अहम जानकारी सामने आई है। भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान (ट्रिपलआइटी) प्रयागराज और कानपुर के विज्ञानियों ने राहत देने वाली खबर दी है। दोनों संस्थानों के विज्ञानियों ने गणितीय विश्लेषण सूत्र के आधार पर दावा किया है कि कोविड-19 की तीसरी लहर आने के आसार नहीं है। यदि लहर आती भी है तो उत्तर प्रदेश में स्वास्थ्य संसाधन अब काफी मजबूत हैं। कोरोना वायरस संक्रमण की दूसरी लहर ने लोगों को कभी नहीं भूलने वाले जख्म दिए हैं। उस भयावह मंजर को याद कर लोग आज भी सहम जाते हैं।

इसी बीच ट्रिपलआइटी (आइआइआइटी) प्रयागराज और कानपुर के विज्ञानियों ने उत्तर प्रदेश के कोविड प्रबंधन पर योगी सरकार द्वारा लिए गए निर्णयों, संक्रमण के रोकथाम में उनकी असर, जीवन और आजीविका में मदद के साथ कई अन्य पहलुओं पर अध्ययन किया है। इन्हीं रिपोर्ट का संकलन ‘कोविड संग्राम, यूपी माडल : नीति, युक्ति, परिणाम ‘ में प्रकाशित किया गया है। इस पुस्तक का पिछले दिनों लखनऊ में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विमोचन किया था।

ट्रिपलआइटी प्रयागराज के प्रोफेसर नीतेश पुरोहित ने बताया कि आइआइआइटी कानपुर के प्रोफेसर मणींद्र अग्रवाल के साथ मिलकर यह अध्ययन किया गया है। उन्होंने बताया कि तीसरी लहर के आकलन के लिए हमने पिछले एक महीने में अपने माडल के जरिए काफी गणना की है। इसमें यह निकल कर सामने आया है कि तीसरी लहर इतनी प्रभावशाली नहीं है, जितनी दूसरी लहर थी। इसमें तीन सेनेरियों बनाए गए। यदि कोई नया वेरिएंट आ जाता है, जो डेल्टा वेरिएंट से भी ज्यादा तेजी से फैलने वाला है तो तीसरी लहर नवंबर में आ सकती है। तीसरी लहर पहली लहर के बराबर होगी। प्रोफेसर पुरोहित ने बताया कि भारत में डेल्टा वेरिएंट की वजह से तीसरी लहर आएगी, इसकी संभावना कम लग रही है।

यह भी देखेंःभाजपा की तरह कांग्रेस भी चुनाव जीतने के लिए कर रही झूठे वादेःमायावती

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *