पीएम मोदी ने देश को समर्पित की 7 नई रक्षा कंपनियां,देखें रिपोर्ट

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Pm Modi Gave Strict Instructions To Complete The Projects Of Electoral  States On Time - पीएम मोदी का सख्त निर्देश: चुनावी राज्यों की परियोजनाओं को  समय पर किया जाए पूरा - Amar

न्यूज जंगल डेस्क,कानपुरः नरेंद्र मोदी ने आज विजयदशमी के पावन अवसर पर सात नई रक्षा कंपनियां राष्ट्र को समर्पित की। वह रक्षा मंत्रालय द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम में एक वीडियो संबोधन दे रहे हैं। इस अवसर पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और रक्षा उद्योग संघों के प्रतिनिधि मौजूद हैं। प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) ने सात नई रक्षा कंपनियों का संदर्भ देते हुए कहा कि सरकार ने देश की रक्षा तैयारियों में आत्मनिर्भरता में सुधार के कदम के तहत आयुध निर्माणी बोर्ड को एक विभाग से सरकार के पूर्ण स्वामित्व वाले सात निगमों में बदलने का निर्णय किया है।

पीएम मोदी ने इस दौरान कहा कि पीएम मोदी ने कहा कि रक्षा क्षेत्र में आज जो 7 नई कंपनियां उतरने जा रही हैं वो समर्थ राष्ट्र के उनके संकल्पों को और मजबूती देंगी।  इस दौरान पीएम मोदी ने कहा कि आज विजयादशमी के पावन पर्व पर राष्ट्र को सशक्त बनाने के लिए, राष्ट को अजेय बनाने के लिए, जो लोग दिन रात खपा रहे हैं, उनके सामर्थ्य में और अधिक आधुनिकता लाने के लिए, एक नई दिश की ओर चलने का अवसर वो भी विजयादशमी के पावन पर्व पर ये अपने आप में ही शुभ संकेत लेकर लेकर आता है।

पीएम मोदी ने कहा कि आज ही पूर्व राष्ट्रपति भारत रत्न डा. एपीजे अब्दुल कलाम साहब की जयंती भी है।कलाम साहब ने जिस तरह अपने जीवन को शक्तिशाली भारत के निर्माण के लिए समर्पित किया, वो हम सबके लिए प्रेरणा देने वाला है।

प्रधानमंत्री मोदी ने सात डीपीएसयूएस (DPSUS) को राष्ट्र को समर्पित किया। रक्षा मंत्रालय ने 28 सितंबर को आदेश जारी कर कहा कि 1 अक्टूबर से आयुध निर्माणी बोर्ड को समाप्त कर 7 नई कंपनियां बनाई है।

न सात नई रक्षा कंपनियों को शामिल किया गया है, उनमें मुनिशन्स इंडिया लिमिटेड (MIL), बख्तरबंद वाहन निगम लिमिटेड (अवनी), एडवांस्ड वेपन्स एंड इक्विपमेंट इंडिया लिमिटेड (एडब्ल्यूई इंडिया), ट्रूप कम्फर्ट्स लिमिटेड (टीसीएल), यंत्र इंडिया लिमिटेड (YIL), इंडिया ऑप्टेल लिमिटेड (आईओएल) और ग्लाइडर्स इंडिया लिमिटेड (जीआईएल) के नाम शामिल हैं।

रक्षा मंत्रालय ने 28 सितंबर को आदेश जारी कर कहा कि 1 अक्टूबर से आयुध निर्माणी बोर्ड को समाप्त कर 7 नई कंपनियां बनाई है। अब कर्मचारी कारखानों में हड़ताल नहीं कर सकते और ना ही किसी को उकसा सकते हैं। ऐसा करने पर जेल के साथ जुर्माना भी भरना पड़ सकता है। हालांकि, इन दोनों मजदूर संगठनों ने सरकार के आयुध निर्माणी बोर्ड को खत्म कर 7 निगम बनाये जाने के खिलाफ हाईकोर्ट से लेकर सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर रखी है। सेना के लिये यूनिफॉर्म से लेकर हथियार, गोला बारूद, तोप और मिसाइल बनाने वाली कारखानों के कर्मचारी सरकार के खिलाफ ना केवल नाराज हैं बल्कि गुस्से में भी हैं।

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