देश-विदेश घूम सकते हैं पीएम लेकिन लखीमपुर नही आएःप्रियंका गांधी

न्यूज़ जंगल डेस्क,कानपुर : किसान आंदोलन को लेकर कांग्रेस की महासचिव प्रियंका गांधी इंडियो एयरलाइंस के विमान से रविवार को वाराणसी पहुंचीं। लाल बहादुर शास्त्री इंटरनेशनल एयरपोर्ट से सीधे श्रीकाशी विश्‍वनाथ मंदिर के लिए रवाना हुईं। यहां से दर्शन-पूजन के बाद दुर्गाकुंड में मां कूष्मांडा मंदिर पहुंचीं। जगतपुर में पार्टी की किसान न्याय रैली में को संबोधित करते हुए कहा कि लखीमपुर में किसानों से मिलने प्रधानमंत्री व मुख्‍यमंत्री अभी तक नहीं गए। प्रियंका गांधी ने कहा कि ने मुझे बताया की, किसी ने एमए, किसी ने बीए, किसी ने इंजीनियरिंग और उसमें ही कुछ ऐसे ही पढ़े लिखे लोग सफाईकर्मी थे।

दुनिया के कोने-कोने तक पीएम घूम सकते हैं, देश-देश भ्रमण कर सकते हैं लेकिन अपने देश के किसानों से भेंट करने नहीं जा सकते। किसान आन्दोलन में अब तक 600 किसानों की मौत हुई लेकिन अभी भी आंदोलन जारी है क्योंकि किसानों को पता है कि हमारे फसल की कीमत उचित नहीं मिलेगी। सबकुछ पूंजीपतियों के हाथ में चला जायेगा। मोदी जी ने आंदोलन कर रहे किसानों को आन्दोलनजीवी कहा, आतंकी कहा। योगी ने किसानों को उपद्रवी कहा। लखीमपुर में देखा कि देश 6 किसानों को निर्ममता से कुचल दिया।

पीड़ित किसानों ने न्याय की मांग की। मैं रात में वहां जाने की कोशिश की तो पुलिस की घेरेबंदी कर मुझे रोकने का प्रयास किया गया। लेकिन अपराधी को पकड़ने को पुलिस नहीं भेजा गया। आरोपी को पुलिस ने निमंत्रण दिया, इतिहास में कभी आपने देखा और सुना नहीं होगा।आजादी का अमृत महोत्सव जो मनाया जा रहा है वो आजादी हमें किसानों ने दिया है, किसान के बेटों ने दिया है। पुलिस प्रशासन विपक्ष के नेताओं को रोकने की कोशिश की।पीड़ित परिवार को नजरबंद किया गया । अपराधियों पर कोई लगाम नहीं है। जिसके बेटे ने ऐसा काम किया उसको बचाने का काम सरकार कर रही है। जो सीएम लखीमपुर जा सकते थे वे उनके हाथ पकड़ने और आंशु पोछने नहीं पहुंचे। इस सरकार में न दलित सुरक्षित हैं, न अल्पसंख्यक सुरक्षित हैं, न महिला सुरक्षित हैं, न नौजवान सुरक्षित हैं। इस देश में केवल प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री और उनसे जुड़े लोग और उनके खरबपति मित्र सुरक्षित हैं।

प्रियंका ने कहा कि जो मैंने दो वर्षों में देखा उसका जिक्र कर रही हूं। सोनभद्र में नरसंहार हुआ जिसमें 13 लोगों को मारा गया, जब मैं मिलने गयी तो बहुत कष्ट हुआ। लोग मुझसे बोले मुझे रुपये नहीं न्याय चाहिए। उसके बाद मैं उन्नाव में गयी वहां भी इसी तरह का घटना हुआ। उस मामले में भाजपा के पूर्व विधायक और भाजपा से जुड़े लोग शामिल थे। कोरोना के समय सरकार मदद नहीं की। अस्पतालों में ऑक्सीजन खत्म हो गया था, लोग काफी परेशान हुए। कोरोना के समय रिपोर्ट आई कि हर जगह समस्या है। सरकार ने मदद नहीं की उसके बाद हाथरस कांड हुआ जिसमें एक बेटी को न्याय नहीं मिला। एक पिता से उसके बेटी का दाह संस्कार नहीं करने दिया गया। मुझसे परिवार ने बोला था कि दीदी न्याय चाहिए।

प्रियंका गांधी ने कहा कि ने मुझे बताया की, किसी ने एमए, किसी ने बीए, किसी ने इंजीनियरिंग और उसमें ही कुछ ऐसे ही पढ़े लिखे लोग सफाईकर्मी थे। यह बताता है कि बेरोजगारी चरम पर है। बेरोजगारी चरम पर है। लखनऊ की बस्ती में गई थी। योगी जी ने सफाई करने वालों के प्रति अपशब्द कहे।2.35 से 3.04 तक करीब आधे घंटे तक चला प्रियंका का संबोधन। अंत में लोगों को धन्यवाद देते हुए नवरात्रि की शुभकामनाएं दी। जय माता दी, जय हिंद, जय किसान, जय जवान, जय हिन्द के नारे से खत्म हुआ प्रियंका का संबोधन। प्रियंका अब वापस बाबतपुर एयरपोर्ट के लिए रवाना हो गई।

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