लखीमपुर हिंसाःआज निष्पक्ष जांच की मांग वाली याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई शुरू

0
Lakhimpur Violence Supreme Court Hear Today Two Lawyers Have Demanded A  High Level Judicial Inquiry - लखीमपुर हिंसा: सुप्रीम कोर्ट आज करेगा सुनवाई,  दो वकीलों ने की है उच्च स्तरीय ...

न्यूज जंगल डेस्क,कानपुरः सुप्रीम कोर्ट में उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी में इस महीने की शुरुआत में हुई हिंसक घटना के संबंध में एक जनहित याचिका (PIL) पर सुनवाई शुरू हो गई है। इस घटना में चार किसानों और एक पत्रकार सहित आठ लोगों की मौत हो गई थी। अदालत ने मामले में स्वत: संज्ञान लिया है और पिछली सुनवाई में जांच में असंतोषजनक एक्शन के लिए उत्तर प्रदेश पुलिस की खिंचाई की थी। एक केंद्रीय मंत्री का बेटा भी इस घटना में मुख्य आरोपियों में शामिल है। सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई शुरू होते ही यूपी सरकार की ओर से पेश हुए वरिष्ठ अधिवक्ता हरीश साल्वे ने कहा, ‘हमने एक स्टेटस रिपोर्ट सीलबंद लिफाफे में दाखिल किया है। सुनवाई शुक्रवार तक टाली जाए।’ इसपर अदालत ने कहा, ‘हमें यह रिपोर्ट अभी-अभी मिली है। हम कल देर शाम तक इंतजार करते रहे हैं। सुनवाई को टाला नहीं जा सकता।

केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्रा के बेटे आशीष मिश्रा को लखीमपुर खीरी के तिकुनिया गांव में हुई घटना में आरोपी माने जाने के छह दिन बाद पुलिस ने गिरफ्तार किया। आरोप लगाया गया कि आरोपी की राजनीतिक संरक्षण को देखते हुए पुलिस ने कार्रवाई में देरी की।सुनवाई के दौरान आज प्रदेश सरकार मामले में आरोपितों के खिलाफ की गई कार्रवाई की जानकारी कोर्ट को देगी। पिछली सुनवाई पर कोर्ट ने एफआइआर में नामजद अभियुक्तों को गिरफ्तार नहीं किए जाने और पूछताछ के लिए नोटिस भेजने पर सवाल उठाते हुए पुलिस की जांच पर असंतुष्टि जताई थी। कोर्ट ने निष्पक्ष और स्वतंत्र जांच के लिए मामला किसी और एजेंसी को देने पर भी प्रदेश सरकार से जवाब मांगा था। हालांकि, आशीष मिश्र को गिरफ्तार कर लिया गया है।

प्रधान न्यायाधीश एनवी रमना की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय पीठ बुधवार को मामले पर सुनवाई करेगी। प्रधान न्यायाधीश को भेजे गए पत्रों में आग्रह किया गया था कि पूरे मामले की उच्च स्तरीय न्यायिक जांच कराई जाए। इसमें केंद्रीय जांच ब्यूरो यानी सीबीआइ से भी समयबद्ध तरीके से जांच कराने की मांग की गई थी।

बता दें कि उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी में गत तीन अक्टूबर को कृषि कानून के विरोध में प्रदर्शन कर रहे लोगों को गाड़ी से कुचलने की घटना हुई थी जिसके बाद वहां मौजूद उग्र प्रदर्शकारियों ने गाड़ी के ड्राइवर सहित तीन लोगों की पीट-पीट कर हत्या कर दी थी। इस घटना में एक पत्रकार की भी मौत हुई थी। कुल आठ लोग मारे गए थे। सुप्रीम कोर्ट के वकील शिव कुमार त्रिपाठी ने इस मामले में प्रधान न्यायाधीश को पत्र लिखकर घटना पर संज्ञान लेने का अनुरोध किया था।

यह भी देखेंःपाकिस्तानी मीडिया का खुलासा इमरान खान के राज में कंगाल हुआ पाकिस्तान

About The Author

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *