25% तक शेयर गिरने के बाद आईआरसीटीसी ने की रिकवरी

News Jungal Desk : कानपुर। रेल मंत्रालय ने शुक्रवार को कहा कि उसने इंडियन रेलवे कैटरिंग एंड टूरिज्म कॉरपोरेशन (आईआरसीटीसी) सुविधा शुल्क पर फैसला वापस लेने का फैसला किया है। यह एक दिन बाद आया है जब आईआरसीटीसी ने कहा कि उसे अपनी वेबसाइट पर बुकिंग से अर्जित राजस्व का 50% सुविधा शुल्क के रूप में साझा करने के लिए कहा गया है। दीपम सचिव ने एक ट्वीट में घोषणा की, “रेल मंत्रालय ने आईआरसीटीसी सुविधा शुल्क पर निर्णय वापस लेने का फैसला किया है।”

बता दें Stock Split के बाद गुरुवार को 10 फीसद से ज्यादा चढ़ने वाल आईआरसीटीसी का शेयर आज 25 फीसद नीचे आ गया। आईआरसीटीसी शेयर का भाव 685.15 रुपये पर भी कोई खरीदार नहीं मिल रहे थे, लेकिन थोड़ी देर बाद ही स्टॉक में रिकवरी देखने को मिलने लगी। हालांकि, यह अभी भी 33.80 (-3.70%) रुपये नुकसान के साथ 879.70 रुपये पर ट्रेड कर रहा है।

सरकार ने भारतीय रेलवे की ऑनलाइन टिकट शाखा को इंटरनेट बुकिंग से अपने सुविधा शुल्क का आधा हिस्सा इसके साथ साझा करने के लिए कहा है। आईआरसीटीसी को रेलवे मंत्रालय के साथ अपनी वेबसाइट पर बुकिंग से अर्जित राजस्व का 50% सुविधा शुल्क के रूप में साझा करने के लिए कहा गया है। यह व्यवस्था जो महामारी के बाद से बंद कर दी गई थी। इस खबर के बाद आईआरसीटीसी के शेयरों में गिरावट शुरू हो गई। 

जियोजित फाइनेंशियल सर्विसेज के मुख्य निवेश रणनीतिकार वीके विजयकुमार ने कहा, “सरकार ने आईआरसीटीसी को रेल मंत्रालय के साथ 50% सुविधा शुल्क साझा करने के लिए कहा है।  शेयरधारक रिटर्न बढ़ाना पीएसयू का उद्देश्य नहीं है। इसलिए निवेशकों को पीएसयू स्टॉक में निवेश करते समय सावधान रहना होगा। स्टॉक भले ही सस्ते हों।”

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गुरुवार को आईआरसीटीसी का शेयर भाव 87.95 रुपए बढ़ गया। कारोबार के अंत में करीब 10.65 फीसदी की तेजी के साथ बंद हुआ था। Stock Split के बाद कंपनी के एक शेयर पांच शेयर में विभाजित हो गए हैं। इसका मतलब यह है कि अगर आपके पास आईआरसीटीसी के 10 शेयर रहे होंगे तो वे 50 शेयर हो गए हैं। बुधवार को कंपनी के शेयर 4100 के ऊपर क्लोज हुए थे।

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